ग्वालियर. बीस दिन बाद सब्सिडी का पैसा एलपीजी ग्राहकों के खाते में आना चालू होगा। दूसरी तरफ जिले में 55 फीसदी आधार कार्ड बन चुके हैं। 45 फीसदी लोग रह गए हैं, वे आधार रजिस्ट्रेशन के केंद्र बंद होने से परेशान हैं। ऐसे ग्राहक गैस एजेंसी से मिले 17 डिजिट के नंबर के आधार पर बैंक खाता लिंक कराना चाहते हैं पर बैंकों में सॉफ्टवेयर की दिक्कत है। इससे एलपीजी ग्राहक परेशान हैं।
डीबीटीएल (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर एलपीजी) के लिए एलपीजी ग्राहकों को 31 दिसंबर तक बैंक खाते लिंक कराने हैं। इसको लेकर इंडेन दफ्तर में मंगलवार को डिस्ट्रीब्यूटरों की बैठक हुई। इसमें ग्राहकों की सुविधा के लिए हिंदी भाषा के फॉर्म देकर कहा गया कि खाता लिंक होने के बाद सिलेंडर की बुकिंग कराते ही सब्सिडी के पहले अमाउंट के रूप में ग्राहक के खाते में 568 रुपए (केवल एक बार) आएंगे। सिलेंडर की डिलीवरी होने पर 393.50 रुपए (वैट काटकर) हर बार खाते में आएंगे।
इंडेन के आंकड़ों के मुताबिक 28 फीसदी एलपीजी ग्राहक आधार से बैंक खाता लिंक करा चुके हैं। जिन 27 फीसदी के पास आधार हैं, उनके बैंक खाते लिंक करने का काम चल रहा है। जिनके पास आधार नहीं है, ऐसे ग्राहक अपने बैंक खाते को गैस डिस्ट्रीब्यूटर से मिले 17 अंकों के ग्राहक आईडी से लिंक करा सकते हैं। ग्राहक अपने खाते वाले बैंक में 17 अंकों का नंबर लेकर जा रहे हैं तो उन्हें बैंक प्रबंधन यह कहकर वापस कर रहा है कि उनके यहां पर इस तरह का सॉफ्टवेयर नहीं है। इसी कारण जिले के 2 लाख 70 हजार एलपीजी ग्राहक परेशान हैं।