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गांव में जब तक 10 लाशें नहीं गिरें तो थानेदार रिपोर्ट नहीं लिखता था

5 वर्ष पहले
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ग्वालियर। कुख्यात डकैत पान सिंह तोमर के भतीजे और उसकी गैंग में रहे बलवंत सिंह ने पान सिंह की मौत के बाद गिरोह की कमान संभाली। बाद में सरेंडर कर दिया और सजा काटी। सजा पूरी होने के बाद वे बिजनेसमैन बन गए। बिजनेस किया सैंड स्टोन के एक्सपोर्ट का। जब तक कत्लेआम न हो, पुलिस नहीं लेती गांवों की सुध....
आज भी वे ग्वालियर में अपनी स्टोन कटिंग फैक्ट्री में बंदूक लिए बैठे मिल जाते हैं। वे कहते हैं कि डकैत कौन बनना चाहता था, लेकिन हालात ऐसे हो गए कि बंदूक थाम कर बीहड़ों में कूदना पड़ा। चाचा जब बीहड़ में कूदे तो उस समय माहौल ऐसा था कि जब तक 8-10 लाशें नहीं गिर जाएं, थानेदार रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं होता था। वक्त के साथ पुलिस और पब्लिक दोनों का नजरिया बदला है। आज बच्चे पढ़ रहे हैं, जमाना बदल रहा है। उम्मीद है सुधार होगा।
चंबल के बीहड़ों में बनने वाले डकैतों का आतंक दशकों से रहा है। dainikbhaskar.com जानें चंबल के डाकुओं को सीरीज के तहत आज आपको बता रहा है डकैत पान सिंह तोमर के भतीजे डकैत बलवंत की कहानी....
1982 में किया था सरेंडर
गर्म मिजाज बलवंत ने नवंबर 1982 में समर्पण किया था। वे 11 साल तक जेल में रहे। बलवंत पर मप्र में 70, उप्र 25 और राजस्थान में 15 मामले दर्ज थे। इसमें अकेले 30 मामले हत्या के ही दर्ज थे और सरकार ने उन पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। जेल से छूटने के बाद बलवंत को सरकार ने 18 बीघा जमीन दी और उन्होंने ग्वालियर में एबी रोड के किनारे एक स्टोन कटिंग मशीन लगा ली। अब वे यहां पर सैंड स्टोन की टाइल्स बनाकर उन्हे एक्सपोर्ट करने का व्यवसाय कर रहे हैं और इस काम में उनके पुत्र भी मदद करते हैं।
गांव में रुकने से रोका था चाचा पान सिंह को
बलवंत बताते हैं कि उन्होंने चाचा से रतियन का पुरा गांव में रात नहीं बिताने के लिए कहा था। चाचा ने ध्यान नहीं दिया औऱ वह उनकी रात आखिरी साबित हुई। मरते हुए चाचा से उन्होंने कहा कि वे पुलिस के हाथ नहीं आएंगे और बाद में अपनी शर्तों पर ही सरेंडर हुए।
अभी भी खौफ खाते हैं बदमाश
पुरानी छावनी में जिस स्थान पर पूर्व डकैत बलवंत स्टोन कटिंग का प्लांट है, वहां आसपास कोई बदमाश फटकता नहीं है। हालांकि, बलवंत अब 64 साल के हो गए हैं, लेकिन उनका और उनकी बंदूक का खौफ अभी तक बना हुआ है। बलवंत कहते हैं, 'मजाल है यहां कोई बदमाशी कर जाए', लेकिन वे किसी के साथ अन्याय नहीं होने देना चाहते।
सीरीज में आगे पढ़िए, कैसे तिग्मांशु धूलिया ने बनाई डकैत पान सिंह तोमर की जिंदगी पर फिल्म....
आगे की स्लाइड्स में है पूर्व डकैत बलवंत के फोटोज....
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