ग्वालियर
शहर में लगे अवैध होर्डिंग की रिकवरी से नगर निगम को पांच करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिल सकता है। नगर निगम आयुक्त से लेकर अधीनस्थ अफसर तक सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर रहे हैं। नगर निगम की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक जिन क्षेत्रों में ठेकेदारों ने स्वीकृति से दोगुना अधिक अवैध होर्डिंग लगाए थे, उनसे रिकवरी नहीं की गई है। शहर में अभी भी एक हजार से अधिक अवैध होर्डिंग लगे हैं।
ग्वालियर डीबी स्टार
निगम अफसरों ने अवैध होर्डिंग हटाने के लिए रात का समय तय किया। अवैध होर्डिंग चिह्नित करने के बाद अफसरों ने इन्हें तोड़ा, लेकिन होर्डिंग से निगम को जो राजस्व मिलना था, उसके लिए अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जोन क्रमांक छह के तहत एजी ऑफिस पुल से लेकर विक्की फैक्टरी तिराहे तक होर्डिंग व यूनिक पोल का ठेका गत दिसंबर में समाप्त हो चुका है। यहां ठेकेदार ठप्पे से होर्डिंग व यूनिक पोल का किराया वसूल कर रहा है। जोन क्रमांक तीन के अंतर्गत आकाशवाणी से मेला रोड व थाटीपुर क्षेत्र में ग्लोबल एडवरटाइजर्स को दिए 65.11 लाख रुपए के ठेके का अनुबंध भी निगम ने नहीं किया है। यहां ठेकेदार 30 के बजाय 80 होर्डिंग लगा रहा है और अब अनुबंध भी बैकडेट में नहीं हो पाएगा।
DB Star expose
जोन क्रमांक छह के अंतर्गत एजी ऑफिस पुल के पास लगे होर्डिंग। यहां ठेका समाप्त हो चुका है।
राजस्व वसूलेंगे
हमने जो अवैध होर्डिंग चिह्नित किए हैं, उनका राजस्व भी वसूल किया जाएगा। इसके लिए मैं तुरंत ही अफसरों को एस्टीमेट बनाने के आदेश देता हूं, ताकि राजस्व वसूली की जा सके। इसके अलावा जिन जोनों में एग्रीमेंट नहीं हुआ या ठेके खत्म हो गए हैं, वहां भी कार्रवाई की जाएगी। अनय द्विवेदी, आयुक्त नगर निगम
अवैध होर्डिंग की रिकवरी से मिल सकते हैं Rs. पांच करोड़
1000 से अिधक अवैध होर्डिंग लगे हैं शहर में।
4.5 करोड़ का राजस्व मिलता है हर साल होर्डिंग से।
fact file
850 वैध होर्डिंग हैं नगर निगम के रिकॉर्ड में।