ग्वालियर/इंदौर
प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर सुधारने और सुविधाएं जुटाने के लिए शिक्षा विभाग शाला दर्पण पोर्टल शुरू कर रहा है। हर जानकारी एक क्लिक पर देखी जा सकेगी।
ग्वालियर/इंदौर डीबी स्टार
स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश के शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय की स्थिति जानने के लिए शाला दर्पण वेब पोर्टल शुरू कर रहा है।
पोर्टल में स्कूलों की हकीकत और यहां पढ़ने वाले करीब सवा लाख विद्यार्थियों की सभी जानकारी एक क्लिक पर सामने आ जाएगी। विभाग ने पोर्टल पर काम शुरू कर दिया है। फिलहाल इसमें प्रदेशभर के स्कूलों का डाटा अपलोड करने का काम किया जा रहा है। पोर्टल पर स्कूल में शिक्षक की ज्वाइनिंग और कार्यमुक्त होने सूचना भी होगी। यही नहीं, शिक्षकों का वेतन भी इसी पोर्टल के आधार पर बनाया जाएगा।
पेपरलेस हो जाएगा काम
यदि विभाग पोर्टल सही तरीके से संचालित कर सका, तो शिक्षा विभाग में काम करने का तरीका ही बदल जाएगा। फिलहाल यहां हर काम के लिए कागजी कार्रवाई और लंबी प्रक्रिया का चलन है। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अभी भी अधिकांश काम रजिस्टर पर ही हो रहे हैं। इन कागजों को संभालने में विभाग को भी खासी मशक्कत करना पड़ती है। नई व्यवस्था में स्कूलों की कार्यप्रणाली पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस हो जाएगी, साथ ही व्यय और समय की बचत होगी।
अफसर भी रखेंगे नजर
स्कूल शिक्षा विभाग पोर्टल के जरिए स्कूल, ब्लॉक और जिलेवार कर्मचारियों के परफॉर्मेंस की गणना करेगा। इसके लिए प्रोफाॅर्मा बनाया जा रहा है। इसके अनुसार स्कूलों का जनशिक्षक से अाला अधिकारी तक निरीक्षण कर सकेंगे।
पोर्टल का काम शुरू
 प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के लिए शाला दर्पण पोर्टल शुरू किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर काम शुरू किया गया है। विद्यालयों की जानकारी अपलोड करने का काम चल रहा है।  दीपक जोशी, राज्यमंत्री स्कूल शिक्षा विभाग
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय करेगा शाला दर्पण योजना की निगरानी।
जिला अधिकारियों को दिए आदेश
विभाग ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि शाला दर्पण पोर्टल पर स्कूलों की स्थिति अपलोड की जाए, ताकि योजना पर अमल किया जा सके। आगामी सत्र तक पोर्टल के जरिए ही स्कूलों की स्थिति और वहां की जरूरतों पर नजर रखी जाने लगेगी। पोर्टल से जहां स्कूलों की हकीकत हर समय अधिकारियों के सामने होगी, वहीं दूसरी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
ऐसे करेगा काम
पोर्टल पर हर स्कूल की ब्लॉकवार जानकारी रहेगी। इसमें शिक्षकों की रोज उपस्थिति से लेकर अध्ययन कार्य तक की जानकारी अपलोड की जाएगी। विद्यार्थियों की जानकारी भी स्कूल क्रमांक के आधार पर तुरंत मिलेगी। इससे विभाग हर विद्यार्थी, हर शिक्षक और हर स्कूल की स्थिति से अवगत रहेगा।
स्कूलों की हकीकत दिखाएगा \\\"शाला दर्पण\\\'
नजर Â प्रदेश के शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों की होगी मॉनिटरिंग