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अनिल पटैरिया

5 वर्ष पहले
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रेल अफसरों ने अपनी व परिजनों की सुविधा के लिए कार्यक्षेत्र अपनी सुविधा से बांटा था। डिप्टी सीई सहित अधीनस्थ स्टाफ को धौलपुर से रायरू तक का क्षेत्र सिर्फ पुल-पुलियों के निर्माण के लिए दिया है और ग्वालियर में उन्हें कार्यालय उपलब्ध करा दिया, जिससे वे अपने परिजनों को यहां रख सकें।


अनिल पटैरिया ग्वालियर

रेल मंत्रालय ने वर्ष 2013 में धौलपुर-सरमथुरा तक बिछे नैरोगेज ट्रैक को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने के लिए 2200 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। इसके लिए पहली किस्त में 212 करोड़ रुपए भी सेंक्शन कर दिए गए थे। इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी पहले झांसी मंडल के अंडर में थी। यहां अफसरों ने उप मुख्य अभियंता (निर्माण) पंकज कुमार को प्रोजेक्ट इंचार्ज के तौर पर पदस्थ किया गया।

पंकज कुमार सहित आधा दर्जन से अधिक अफसरों के बैठने के लिए धौलपुर में कैंप ऑफिस भी तैयार करा दिया गया, लेकिन ये सभी अफसर ग्वालियर में बैठकर धौलपुर की साइट चला रहे हैं। एक शिकायत के आधार पर डीबी स्टार टीम ने मामले की पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि अफसरों व उनके परिवार की सुविधा के लिए क्षेत्र बांट लेते हैं। पहले ग्वालियर से धौलपुर तक का ट्रैक झांसी मंडल में आता था, लेकिन अफसरों के फायदे के लिए रायरू से धौलपुर का इलाका आगरा रेलखंड को दे दिया गया। इसकी सारी प्रशासनिक गतिविधियां आगरा से संचालित हैं। इसके बावजूद अफसर ग्वालियर में ही बैठ रहे हैं, क्योंकि धौलपुर अपेक्षाकृत छोटा शहर है। इसके अलावा ग्वालियर में इन अफसरों को 16 से 20 हजार रुपए तक हाउस रेंट अलाउंस मिल रहा है, जबकि धौलपुर पहुंचने पर यही अलाउंस आधा रह जाएगा।

धौलपुर स्थित रेलवे का कैंप कार्यालय। यहां बैठकर अफसरों को काम करना चाहिए। इनसेट में अफसरों के चेंबर पर लटका ताला।

मेरी नॉलेज में नहीं है यह मामला
धौलपुर-सरमथुरा गेज परिवर्तन परियोजना के डिप्टी सीई का ग्वालियर में ऑफिस पहले से ही चल रहा है। वैसे डिप्टी सीई पंकज कुमार का कार्यक्षेत्र रायरू से धौलपुर-सरमथुरा तक है। शायद इसलिए उनका ग्वालियर में हेड क्वार्टर बनाया गया होगा। टीए-डीए सहित अन्य सुविधाओं को कम करने संबंधी पत्र मेरी नॉलेज में नहीं है।  केडी रल्ह, मुख्य अभियंता (निर्माण मध्य) उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद

2200

करोड़ है प्रोजेक्ट की लागत

2013

में हुई प्रोजेक्ट की शुरूआत

68

किमी ट्रैक पर होना है काम
तब ऐसे बांटा था क्षेत्र
DB Star monday mega story
टैक्सी पर सालाना 60 लाख की फिजूलखर्ची
हमारी प्राथमिकता काम समय पर करना है
 रेलवे में प्रोजेक्ट का कोई मंडल नहीं होता। इसलिए ग्वालियर में धौलपुर प्रोजेक्ट का हेड क्वार्टर बनाया गया है। इसका दूरी से कोई लेना-देना नहीं है। काम समय पर करना हमारी प्राथमिकता में है।  पंकज कुमार, डिप्टी सीई धौलपुर-सरमथुरा प्रोजेक्ट

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