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महाराजा एक्सप्रेस से शहर आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों ने विजिटर बुक और सोशल साइट्स पर लिखे टूर के संबंध में कमेंट्स

5 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर टूर पैकेज में नए डेस्टिनेशन को शामिल किया जाए, ग्वालियर में नए-नए हेरिटेज प्लेस भी दिखाए जाएं। संगीत सम्राट तानसेन के बारे में काफी कुछ सुना हुआ है, लेकिन उनकी समाधि नजदीक से देखने का अवसर भी मिलना चाहिए।

कुछ इसी तरह के कमेंट्स और फीडबैक शहर में आने वाले विदेशी पर्यटक ने विजिटर बुक में लिखे हैं। 6 साल से शहर में अक्टूबर से मार्च तक महाराजा एक्सप्रेस विदेशी पर्यटकों को लेकर शहर आती हैं, लेकिन यहां कुछ ही स्थान दिखाए जाते हैं। कई ऐसे स्थान हैं जो ऐतिहासिक महत्व से काफी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन्हें पर्यटकों को नहीं दिखाया जाता है। पिछली बार महाराजा एक्सप्रेस से आए विदेशी पर्यटकों ने जब फोर्ट से तानसेन समाधि को देखा तो वह वहां जाने की इच्छा जाहिर की, लेकिन टूर में शामिल न होने की वजह से उन्हें इन स्थानों को नहीं दिखाया गया।

कम हुआ समय: शहर में आते हुए इस वर्ष महाराजा एक्सप्रेस को 6 साल पूरे हो गए हैं। शुरुआत में यह ग्वालियर सुबह 10.30 बजे आती थी, लेकिन अब इसका समय दोपहर 2 बजे कर दिया है। जिससे पर्यटक ज्यादा स्थान नहीं देख पाते हैं।

 आईआरसीटीसी और क्रिएटिव ट्रैवल मिलकर महाराजा का टूर फाइनल करते हैं। वहां से जो रूट आता है उसी के हिसाब से पर्यटकों को स्पॉट दिखाए जाते हैं। ट्रैफिक व्यवस्था ठीक न होने की वजह से शायद तानसेन मकबरे को शामिल नहीं किया गया है।

- प्रसन्ना माथुर, मैनेजर ट्रैवल ब्यूरो

शहर में एक दिन हो रूकना, देख सकें तानसेन की समाधि
सिटी एंकर
फैक्ट फाइल
6 साल से आ रही है महाराजा एक्सप्रेस।

एक टूर में औसतन 30 विदेशी पर्यटक आते हैं।

अब तक 2160 से ज्यादा पर्यटक आए महाराजा से।

यह अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च में आती है।

महाराजा एक्सप्रेस महीने में 1 या 2 बार ही आती है।

ये दिए सुझाव
टूर पैकेज में ग्वालियर में एक रात तक रुकने की व्यवस्था हो।

तानसेन समाधि के साथ शून्य के शिलालेख का भी उल्लेख मिलता है, इसे भी दिखाया जाए।

शहर के गूजरी महल, सरोद घर म्यूजियम, रानी लक्ष्मीबाई की समाधि, नगर निगम म्यूजियम को भी दिखाना चाहिए।

एएसआई के अलावा किले पर राज्य पुरातत्व विभाग के ऐतिहासिक स्थलों को टूर में शामिल करना चाहिए।

शहर के फूलबाग, महाराज बाड़ा, सूर्य मंदिर सहित चंबल की घड़ियाल सेंक्चुरी का भी भ्रमण कराया जाए।

ग्वालियर फोर्ट पर घूमते विदेशी पर्यटक। फोटो: भास्कर

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