माहौल मिला तो ग्रुप बनाकर की पढ़ाई और मिलने लगी सफलता
मृगनयनी हॉस्टल में ग्रुप में पढ़ती छात्राएं।
हॉस्टल में ग्रुप स्टडी का माहौल
हॉस्टल में ग्रुप स्टडी के लिए एक साल से छात्राओं के बीच माहौल बना है। इसके लिए उन्हें शुरू में गाइड भी करना पड़ा हैं। स्टडी मटेरियल आदि एकत्र कर सकें इसके लिए हॉस्टल में कंप्यूटर लैब आदि की भी सुविधा दी गई है। प्रो. राधा तोमर, वार्डन, मृगनयनी हॉस्टल, जेयू
एजुकेशन रिपोर्टर | ग्वालियर
जीवाजी यूनिवर्सिटी के मृगनयनी हॉस्टल में छात्राओं को माहौल मिला तो ग्रुप बना कर पढ़ाई करने लगीं। इससे छात्राओं को अब सफलता मिल रही है। सीनियर छात्राएं शिक्षक बनकर जूनियर्स को गाइड करती हैं। उन्हें ग्रुप में पढ़ाती हैं ताकि जूनियर छात्राएं भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकें। इतना ही नहीं बड़े संस्थानों में प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन मिल सके इसके लिए भी छात्राएं ग्रुप में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। इससे छात्राओं को सफलता मिलना भी शुरू हो गई है। एमपी पीएससी, यूजीसी नेट, गेट जैसी परीक्षाओं में 20 छात्राओं को सफलता भी हाल ही में मिली है। इससे हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का पढ़ाई के प्रति और जज्बा बढ़ा है। हॉस्टल में छात्राओं को इस तरह का माहौल देने का काम वार्डन प्रो. राधा तोमर ने किया है। हालांकि जेयू के अन्य हॉस्टल्स में भी वार्डन की पहल से ग्रुप स्टडी का सिलसिला शुरू हो गया है।
खुद को सफलता मिली तो जूनियर्स को हॉस्टल में पढ़ाने लगीं: जेयू से बीई कर रही छात्रा सर्वोत्तमा वाजपेयी ने सिम्बोयसिस यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए स्नैप की परीक्षा पास की है। कैट की भी तैयारी कर रही हैं। सीनियर छात्रा का कहना है कि उनका उद्देश्य कैट में सफलता हासिल करना है। साथ ही बीई पहले वर्ष की छात्राओं को शिक्षक बनकर हॉस्टल में ही क्लास लगाती हैं। जूनियर छात्राओं का कहना है कि उन्हें सबसे अधिक फायदा ग्रुप स्टडी से मिला है। इससे आपस में कॉम्पटीशन की भावना बढ़ी है। बीई की छात्राओं का कहना है कि जिस विषय की वह कोचिंग करने की सोच रहीं थीं उसकी पूरी पढ़ाई उनकी सीनियर सर्वोत्तमा करा रही हैं।
इंटरव्यू की कर रहीं तैयारी
जेयू से फिजिक्स से एमएससी कर रही छात्रा लकी शिवहरे सिविल परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। वे एमपी पीएससी का प्री एग्जाम क्वालिफाई कर चुकी है। मेंस दे चुकी हैं। वहीं जेयू से पीएचडी कर रही शिवानी पटेरिया एसआई के इंटरव्यू की तैयारी में जुटी हुई हैं। यह दोनों छात्राएं अब अपनी जूनियर छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गाइड कर रही हैं।