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4 दिन पहले मामा के घर से आया था, दौड़ाया फिर गोलियां मारीं

5 वर्ष पहले
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गोला का मंदिर के गायत्री विहार में छात्र शंकर सिंह को गोली मारने वाले उसकी हत्या के इरादे से ही आए थे। हमलावरों से बचने के लिए छात्र शंकर सिंह आधा किलोमीटर तक दौड़ा, लेकिन बच नहीं सका। हमलावरों ने उसे दौड़ा-दौड़ाकर गोलियां मारीं। शंकर सिंह का हमलावरों से पहले भी विवाद हो चुका था। इसके चलते उसके परिजन ने उसे मामा के यहां पर रहने के लिए भेज दिया था। 4 दिन पहले ही वह मामा के यहां से आया था। हमलावर भी उसको घेरने के लिए तैयार बैठे थे और मौका मिलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वे लगभग आधा घंटे तक इलाके में फायरिंग करते रहे।

गायत्री विहार के निवासियों ने पुलिस को बताया कि दूध का कारोबार करने वाले लाल सिंह अपने बड़े बेटे मंगल सिंह और छोटे बेटे शंकर सिंह के साथ शादी समारोह में शामिल होने के लिए पैदल-पैदल जा रहे थे। उन्हें भिंड रोड पर किसी मैरिज गार्डन में शादी समारोह में शामिल होने के लिए जाना था। वह घर से आधा किलोमीटर दूर ही पहुंचे थे तभी आशीष राठौर, साेनू सिंह राजावत, देशराज गुर्जर, अजीत गुर्जर, रामू गुर्जर, दीपेन्द्र गुर्जर, सुनील गुर्जर तथा इनके साथियों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। शंकर के पिता लालसिंह के पास 12 बोर की बंदूक भी थी। उन्होंने हमलावरों के सामने अपनी बंदूक तान दी। चूंकि हमलावर संख्या में ज्यादा थे और उनके पास भी कट्टे और पिस्टल थे, इसके चलते उन्होंने लालसिंह की बंदूक छीन ली और गोलियां चलाना शुरू कर दीं। हमलावरों से बचने के लिए लाल सिंह, शंकर और मंगल सिंह ने दौड़ लगा दी। लगभग आधा किलोमीटर दौड़ने के बाद हमलावरों ने शंकर पर गोलियां दाग दीं। उसकी गर्दन और पेट में गोली लगीं। इसके बाद हमलावर भाग निकले। हमलावरों के भागने के बाद लोग इकट्ठे हुए और गंभीर रूप से घायल शंकर को गोला का मंदिर स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।

वर्चस्व की लड़ाई, पहले भी थाने में दर्ज हो चुके हैं मामले
हत्या की वजह को लेकर एएसपी वीरेंद्र जैन का कहना है कि शंकर सिंह की आशीष राठौर तथा सोनू राजावत से इलाके में वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। आशीष और सोनू ने कुछ समय पहले भी शंकर पर हमला किया था। इससे पहले सोनू और आशीष ने भी शंकर सिंह के खिलाफ हमले और मारपीट की शिकायतें की थीं। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार भी किया गया था। बताया गया है कि हमलावरों ने लगभग आधा घंटे में 15-20 फायर कट्टे, पिस्टल और लालसिंह की लाइसेंसी बंदूक से किए । ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद पुलिस कंट्रोल रूम को भी सूचना दे दी गई थी। हमलावरों के तेवर देखते हुए लोग घरों में घुस गए।

शंकर िसंह

पुलिस को घटना की जानकारी देते परिजन। फोटो: भास्कर

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