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ग्वालियर | भक्ति का प्रारंभ बचपन से ही करना चाहिए।

5 वर्ष पहले
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ग्वालियर | भक्ति का प्रारंभ बचपन से ही करना चाहिए। बचपन में भक्ति के संस्कार माता -पिता के द्वारा दिए जाते हैं। माता -पिता अपने बच्चों को मकान देते हैं, दुकान देते हैं, संपत्ति देते हैं लेकिन संस्कार नहीं देते। ऐसी संतान लायक नहीं बनती है। जिस संतान को कार मिली या न मिली लेकिन संस्कार मिले हैं वह संतान माता -पिता, समाज, राष्ट्र का नाम उज्जवल करते हैं। इसलिए बच्चों को अच्छे संस्कार देना आवश्यक है। संस्कारी बच्चे ही राष्ट्र के भावी नागरिक होंगे। अच्छे नागरिक ही राष्ट्र की उन्नति कर सकते हैं। यह विचार स्वामी रामप्रसाद महाराज ने रविवार को लक्ष्मीगंज स्थित रामद्वारा में भागवत कथा सुनाते हुए व्यक्त किए।

बचपन से ही हो भक्ति का प्रारंभ: संतश्री
रामद्वारा में भागवत कथा के दौरान प्रवचन देते संत रामप्रसाद महाराज।

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