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नए सत्र में होंगे कई बड़े बदलाव साफ नोटबुक के मिलेंगे 5 अंक

5 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर नए सत्र यानी जुलाई 2017 से दसवीं क्लास में जाने वाले स्टूडेंट्स को बोर्ड एक्जाम देना होगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इस सत्र से स्टूडेंट्स को पूरी तरह सिर्फ एक्जाम पर ही फोकस करना होगा। बोर्ड परीक्षा में जो मार्क्स मिलेंगे, उनमें 20 मार्क्स इंटरनल एसेसमेंट के होंगे। सीबीएसई ने पहले ही साफ कर दिया है कि इन 20 मार्क्स के इंटरनेशनल एसेसमेंट में स्टूडेंट्स को हर सब्जेक्ट में कम से कम 33 प्रतिशत नंबर लाने जरूरी हैं।

इंटरनल टेस्ट, नोटबुक और सब्जेक्ट इनरिचमेंट एक्टिविटीज के लिए 20 मार्क्स तय किए गए हैं। इससे साफ जाहिर है कि नया पैटर्न एकेडमिक और सीसीई पैटर्न को मिक्स करके बनाया गया है। हर सब्जेक्ट में साफ-सुथरी नोटबुक और टीचर से समय पर कॉपी चेक कराने के लिए स्टूडेंट को 5 नंबर मिलेंगे। इसके अलावा 5 मार्क्स सब्जेक्ट से जुड़ी क्लासरूम एक्टिविटीज जैसे स्पीकिंग व लिसनिंग एबिलिटीज के आधार पर दिए जाएंगे। बच्चों को सालभर में पहले 10 से 15 प्रोजेक्ट्स बनाने पड़ते थे, जिनसे उन्हें राहत मिली है। इसके अलावा 9वीं और 11वीं में भी बदलाव किए गए हैं।

यह भी किया बदलाव
सीबीएसई ने 9वीं और 11वीं से ओपन बुक एक्जाम सिस्टम हटा दिया है। सीबीएसई ने ये नियम दो साल पहले लागू किया था। बोर्ड ने कहा कि इस साल से छात्र परीक्षा केंद्र में किताबें लेकर नहीं जा सकेंगे। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों की प्रतिभा का सही से विकास नहीं हो पा रहा है। इसलिए यह कदम उठाया गया है। ओपन बुक एग्जाम सिस्टम (ओटीबीए) को स्कूलों से फीडबैक मिलने के बाद बदलाव किया है। 2014 में सीबीएसई ने ओटीबीए को 9वीं और 11वीं के कुछ विषयों के लिए ये व्यवस्था लागू थी।

मिलेगी सहूलियत
सीबीएसई के नए बदलाव से स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी। सबसे ज्यादा फायदा उन्हें प्रोजेक्ट में मिलेगा। अभी तक उन्हें सालभर में 10 से 15 प्रोजेक्ट बनाने होते थे। हालांकि यह बदलाव नए सत्र से लागू होंगे लेकिन स्कूल्स ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। ताकि नए बदलाव लागू होने तक स्टूडेंट्स को इन चीजों में और भी पारंगत किया जाए।

कॉपी मेंटेन में कम हुई स्टूडेंट्स की रुचि
 स्टूडेंट्स में कॉपी मेंटेन करने की रुचि कम हुई है। ऐसे में अगले एकेडमिक सत्र में नई मार्किंग स्कीम से स्टूडेंट्स, 5 नंबर के लिए फिर से अपनी कॉपी को मेंटेन रखेंगे। इसके साथ ही स्पीकिंग स्किल और प्रैक्टिकल वर्क के भी नंबर सीबीएसई की आेर से निर्धारित किए गए हैं।

राजेश्वरी सावंत, सहोदया ग्वालियर की अध्यक्ष

education update

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से 15 प्रोजेक्ट्स बनाने पड़ते थे, बच्चों को सालभर में, अब काफी राहत मिली है।

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मार्क्स तय किए गए हैं इंटरनल टेस्ट, नोटबुक और सब्जेक्ट इनरिचमेंट एक्टिविटीज के लिए।

कुछ खास बदलाव
n बोर्ड एक्जाम और इंटरनल एसेसमेंट में अलग-अलग पास होना होगा जरूरी।

साफ-सुथरी क्लासरूम नोटबुक पर मिलेंगे अलग से 5 नंबर।

तीन टेस्ट में से दो टेस्ट के नंबर जुड़ेंगे।

प्रैक्टिकल वर्क और मैप डिजाइनिंग के अलावा स्पीकिंग स्किल पर भी मिलेंगे नंबर्स।

जुड़ेंगे दो टेस्ट के नंबर
एक्सपर्ट का कहना है कि सीबीएसई ने जो नोटिफिकेशन जारी किया है। उसके मुताबकि साल में स्टूडेंट्स के तीन रिटन टेस्ट लिए जाएंगे, जिसमें से 2 बेस्ट स्कोर वाले एक्जाम के नंबर इंटरनल एसेसमेंट का हिस्सा बनेंगे। ऐसे में स्टूडेंट्स के पास अपनी परफॉर्मेन्स को पहले से बेहतर करने का एक अतिरिक्त मौका मिला है। किन्हीं कारणों से यदि बच्चे के शुरुआती दो टेस्ट में मार्क्स अच्छे नहीं आए हैं, तो वह तीसरे टेस्ट में बेहतर मार्क्स लाने की कोशिश कर सकेगा। इस तरह उसकी तैयारी भी बेहतर ढंग से हो सकेगी।

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