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20 रुपए में मिलता है सर्टिफिकेट

5 वर्ष पहले
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सीसीआई नटवर को पहले पांच वेंडर ऐसे मिले, जिनके मेडिकल सर्टिफिकेट पर जारी करने वाले डॉक्टर के स्कैन हस्ताक्षर लगे हुए थे।

फिर सघन चेकिंग के दौरान ट्रेन में 23 अन्य वेंडरों के सर्टिफिकेट पर भी डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर मिले थे। इन सभी की सूची तैयार कर बिलासपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके सरदार को दी गई।

सीनियर डीएमओ ने सीसीआई को रिपोर्ट दी। उसमें कहा गया कि सूची में दिए गए वेंडरों के मेडिकल सर्टिफिकेट जालसाजी से तैयार किए गए हैं। वहां से कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है।

हम गहराई से पड़ताल कर रहे हैं
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का मामला एनसीआर के मुरैना स्टेशन के सीसीआई ने पकड़ा है। हम इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं। मामले का खुलासा होने के बाद हर दिन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सहित दूसरी ट्रेनों को चेक किया जा रहा है। 28 वेंडरों से मिले सर्टिफिकेट बिलासपुर रेलवे अस्पताल से जारी नहीं हुए हैं।  दर्शनिता बी. अहलूवालिया, सीपीआरओ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

28 वेंडर पकड़े थे
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में हमने 28 अवैध वेंडर पकड़े थे। हमने पूरी जांच कर रेल मंडल को रिपोर्ट सौंप दी है। वे ही आपको बता सकेंगे।  नटवर सिंह यादव, सीसीआई मुरैना

अभी मामला जांच में

ग्वालियर स्टेशन पर अवैध वेंडर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का मामला अभी जांच में है, इसलिए इस मामले में अभी कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।  मनीष कुमार, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (यांत्रिकी) एनसीआर इलाहाबाद

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