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एसआई के बेटे ने बेची थी फर्जी आईडी से सिम

5 वर्ष पहले
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डीपीए स्कूल के छात्र रामेंद्र गुर्जर का अपहरण करने वाले सतीश गुर्जर और बादल दुबे को फर्जी आईडी से सिमकार्ड सब इंस्पेक्टर के बेटे गौरव शर्मा ने उपलब्ध कराए थे। गौरव की दीनदयाल नगर में जेएमडी ऑनलाइन एंड मोबाइल प्वाइंट के नाम से दुकान है। गौरव की बादल से दोस्ती थी। गौरव के पिता आरबी शर्मा सब इंस्पेक्टर हैं। पुलिस ने गौरव को गिरफ्तार कर लिया है। गौरव सिमकार्ड बेचने के साथ ही फोटो कॉपी भी करता था। ऐसे में कोई ग्राहक उससे आईडी प्रूफ की फोटो कॉपी करवाने के लिए आता था तो वह उसकी एक कॉपी अतिरिक्त कर लेता था और अपने पास रख लेता था। इसका उपयोग वह फर्जी आईडी से सिम बेचने में करता था। पुलिस ने अपहरणकर्ता बादल और सतीश को 16 फरवरी तक की पुलिस रिमांड पर लिया है।

रामेंद्र का अपहरण 2 फरवरी को डीपीए स्कूल से सतीश और बादल ने कर लिया था। फिरौती लेने के लिए आरोपियों ने फर्जी आईडी से सिमकार्ड दीनदयाल नगर में महाराजा कॉम्पलेक्स में दुकान चलाने वाले गौरव शर्मा से ली थी। बादल की दोस्ती गौरव से थी। इस दोस्ती की खातिर गौरव ने बादल पर भराेसा करके सिमकार्ड दे दिया था। एएसपी वीरेंद्र जैन के अनुसार रामेंद्र के अपहरण में गौरव का अब तक सीधा इन्वॉल्वमेंट सामने नहीं आया है, लेकिन इस मामले में अभी और पड़ताल की जा रही है। गौरव किसी भी आईडी के साथ कोई भी फोटो लगा देता था और इसके आगे के चैनल पर भी कोई उसे चेक नहीं करता था। जिन लोगों के फर्जी आईडी का उपयोग किया गया था वह गौरव की दुकान पर कुछ समय पहले अपने दस्तावेज फोटोकॉपी कराने आए थे।

गौरव शर्मा

इन अपराधों की जड़ में रहा है फर्जी सिमकार्ड
पेट्रोल पंप कारोबारी के बेटे कुशाग्र अग्रवाल के अपहरण में गिरोह के सरगना सूरज जाटव ने फर्जी आईडी से खरीदे गए सिमकार्ड का उपयोग किया था और फिरौती वसूलने तक पुलिस को छकाता रहा था।

दिल्ली के कारोबारी के बेटे हनी के इंदरगंज में गुुरुद्वारे से अपहरण के मामले में भी बदमाशों ने फर्जी आईडी से खरीदे गए सिमकार्ड का उपयोग किया था और फिरौती की डीलिंग कर ली थी।

चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष गोविंददास अग्रवाल को भी फर्जी आईडी से खरीदे गए सिमकार्ड से धमकी दी गई थी।

छात्र अभय गुप्ता के अपहरण के मामले में बदमाश मोहन गुप्ता ने फर्जी आईडी से खरीदे गए सिमकार्ड का उपयोग किया था। मोहन ने इस तरह की सिम से कारोबारियों से टैरर टैक्स भी मांगा था।

नौकरी, लोन दिलाने के नाम पर की जाने वाली ठगी में भी ठग फर्जी आईडी से खरीदे गए सिमकार्ड का उपयोग करते हैं।

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