पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

खुशबू हूं मैं फूल नहीं, जो मुरझाएगा...

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
निदा फाजली को दी श्रद्धांजलि
खुशबू हूं मैं फूल नहीं जो मुरझाएगा, जब-जब मौसम आएगा लहराऊंगा। इन पंक्तियों के साथ शहर के साहित्यिक संगठनों आैर साहित्यकारों ने जाने-माने शायर पद्मश्री निदा फाजली के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मुकुट बिहारी सरोज स्मृति न्यास की सचिव मान्यता सरोज ने कहा है कि वे ग्वालियर के गली -मोहल्ले से गुनगुनाते हुए रचनात्मकता आैर प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचे थे। प्रगतिशील लेखक संघ की ग्वालियर इकाई ने प्रो. प्रकाश दीक्षित के निवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस मौके पर कथाकार महेश कटारे ने निदा साहब के निधन को गजल की दुनिया की बड़ी क्षति बताया। सभा में डॉ. जगदीश सलिल, सतीश गोविला, आेमप्रकाश शर्मा,पवन करण, भगवान सिंह निरंजन के साथ प्रो. जीके सक्सेना, मुस्तफा खान, जितेंद्र बिसारिया ने श्रद्धांजलि अर्पित की । कवि प्रदीप चौबे ने महाराष्ट्र से अपने शोक संदेश में कहा है कि हिंदी-उर्दू अदब ने एक महत्वपूर्ण रचनाकार को खो दिया है। शायर अतुल अजनबी, बकार सिद्धिकी, शकील ग्वालियरी, नसीम रिफअत, काजी तनवीर, डॉ. अन्नपूर्णा भदाैरिया, डॉ. अजमेर सिंह तोमर ने निदा फाजली के निधन को साहित्य की अपूरणीय क्षति बताया है।

खबरें और भी हैं...