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संस्थान में 11 माह से नहीं है परमानेंट रजिस्ट्रार

5 वर्ष पहले
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डीबी स्टार ग्वालियर

तत्कालीन रजिस्ट्रार एलएन सरकार का कार्यकाल मार्च 2015 में समाप्त हो गया था, लेकिन परमानेंट कुलपति न होने के कारण उन्हें एक्सटेंशन दिया गया। सितंबर 2015 में कुलपति के तौर पर डॉ. दिलीप कुमार दुरेहा की नियुक्ति की गई। उन्होंने श्री सरकार को रजिस्ट्रार पद से हटाकर डॉ. विवेक पांडे को इंचार्ज रजिस्ट्रार बना दिया। इसके बाद से संस्थान में परमानेंट रजिस्ट्रार की नियुक्ति नहीं की गई। इस नियुक्ति के लिए खेल मंत्रालय के अफसरों ने कुलपति को पत्र भी लिखे, लेकिन वे रजिस्ट्रार की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी नहीं कर रहे है। डीबी स्टार टीम की पड़ताल में खुलासा हुआ कि तत्कालीन रजिस्ट्रार एलएन सरकार के कार्यकाल में लगभग 90 लाख रुपए के कार्य बिना स्वीकृति कराए गए थे और इनके लिए कोई कोटेशन व फाइलें भी तैयार नहीं की गईं। अब इन कार्यों का भुगतान इंचार्ज रजिस्ट्रार डॉ. पांडे ने रोक लिया और कुछ कर्मचारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। कार्रवाई की आंच से बचने के लिए अब रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर अखाड़ेबाजी चल रही है।

यह चाहिए अर्हता: रजिस्ट्रार के लिए प्रशासनिक फील्ड से ताल्लुक रखने वाले आवेदकों को कुल 15 साल तक डिप्टी व असिस्टेंट रजिस्ट्रार पद का अनुभव चाहिए, लेकिन इसमें डिप्टी रजिस्ट्रार पद पर आठ साल तक रहने का अनुभव जरूरी है। इसी प्रकार टीचिंग फील्ड के आवेदकों के लिए 15 साल तक एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुभव होना चाहिए। इसमें आठ वर्ष तक एसोसिएट प्रोफेसर बने रहना जरूरी है।

कुलपति की दलील: संस्थान के कुलपति का तर्क है कि खेल मंत्रालय ने अभी तक सर्च कमेटी में शामिल सदस्यों के नाम नहीं दिए हैं, लेकिन असल में 19 नवंबर 2015 को ही खेल मंत्रालय के उप सचिव राकेश कुमार ने डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी के कुलपति को इस कमेटी का चेयरमैन और मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी डेवलपमेंट को मेंबर बनाने संबंधी पत्र भेज दिया था।

खेल मंत्रालय के उपसचिव द्वारा भेजी गई अनुमति।

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