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शासन जब तक जागता तब तक गरीबों के लुट गए 95 लाख

4 वर्ष पहले
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मलवे में से साबुत ईंटों को छांटता परिवार
विक्रेता के बेटे आैर खरीदार उलझे: शुक्रवार को वीर सिंह जाटव और राजेंद्र राणा के बेटे के बीच काफी बहस हो गई। वीर सिंह का कहना था कि मैंने राजेंद्र राणा को ढाई लाख रुपए देकर 4 प्लॉट खरीदे थे। वहीं राजेंद्र के बेटे महेंद्र प्रताप ने मौके पर ही वीर सिंह से कहा कि यदि मेरे पिता ने प्लॉट बेचा, तो कागज दिखाओ। महेंद्र ने फोन पर अपने पिता से वीर सिंह की बात भी कराई, लेकिन दोनों पक्षों में झगड़ा शांत नहीं हुआ। इस बात को लेकर दोनों के बीच करीब 10 मिनट गहमा-गहमी होती रही। इसी प्रकार प्लॉट बेचने वाले मेहताब सिंह का कहना है कि मैंने तो खुद दूसरे से खरीदा तो फिर बेच दिया।

फूटी कॉलोनी में आशियाना टूट जाने के बाद मलवे से साबुत ईंटें छांटते मां-बेटे।

24 घंटे में फिर बनाकर तैयार किया
गुरुवार को प्रशासन ने 70 से ज्यादा मकान तोड़ दिए थे और वहां फिर निर्माण रोकने के लिए राजस्व अमले की जिम्मेदारी भी तय कर दी थी। लेकिन राजस्व विभाग ने शुक्रवार को वहां कोई मॉनिटरिंग नहीं की और कुछ लोगों ने अपने मकान फिर से बनाने शुरू कर दिए। मीरा जाटव ने बताया कि अधिकारी तोड़ तो गए, लेकिन हम रहने कहां जाएं।

माफिया ने ऐसे ठिकाने लगाई जमीन
बिक्री- माफिया ने यह जमीन बेचने के लिए मजदूर और निम्न वर्ग के लोगों को शिकार बनाया। सड़क किनारे लगी इस जमीन पर 900 से 1200 वर्ग फीट तक के प्लॉट 50 हजार से 1 लाख 70 हजार रुपए तक की रेट में बेचे गए। लोगों को भरोसा दिलाने के लिए खेत में खड़े मिट्टी के टीलों को सड़क के तौर पर बिछा दिया गया और उसके बाद लोग झांसे में आकर प्लॉट खरीदने लगे।

तरीका- सरकारी जमीन बेचे जाने के मामले में भू-माफिया ऐसा तरीका अपनाते हैं कि पैसा उनके पास आए, लेकिन कागजों में नाम नहीं। फूटी कॉलोनी में जिन माफिया ने प्लॉट काटकर बेचे, उनमें से ज्यादातर लोगों ने उन लोगों से विक्रय पत्र (नोटरी) खरीदारों को कराई है जो उस क्षेत्र में ही नहीं रहते।

गारंटी- प्लॉट खरीदने वाले लोगों ने बताया कि प्लॉट बेचते वक्त विक्रेताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि कोई भी सरकारी विभाग, क्षेत्रीय व्यक्ति या गुंडा जगह खाली नहीं करा पाएगा। अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद खरीदार इन लोगों को ढूढ़ रहे हैं मगर कोई नहीं मिल रहा।

मेरे पति ने 2 लाख रुपए ब्याज पर उठाए और मेहताब सिंह व मायाराम से प्लॉट खरीदा और उसे बनाने के लिए भी डेढ़ लाख रुपए लिए थे, करीब 5 महीने पहले जब पता चला कि ये सरकारी जमीन है और मकान टूटेंगे, तब से मेरे पति बीमार रहने लगे और सदमे के कारण डेढ महीने पहले उनकी मौत हो गई। अब मैं दूसरे घरों में काम करके अपने बच्चे पाल रही हूं। मेरे पास मकान भी नहीं रहा और कर्ज भी चढ़ गया। मुझे मरने के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। -सीमा बाथम, पीड़िता

मैंने अपने साथ 3 रिश्तेदारों को भी प्लॉट दिलाए और सबके पैसे राजेंद्र राणा को दिए। राजेंद्र ने मुझे यह जमीन अपनी बताई थी और कहा कि मकान बना लो, रजिस्ट्री बाद में करेंगे। मैं ऑटो चलाता हूं, समझ नहीं आ रहा इतनी रकम की भरपाई कैसे करूं। -वीर सिंह, पीड़ित

मायाराम और मेहताब सिंह ने मुझे अपनी जमीन बताकर 70 हजार रुपए में प्लॉट बेचा था। जब मैंने रजिस्ट्री के लिए कहा तो बोले-बाद में करेंगे, तुम अपना मकान बना लो। प्लॉट खरीदने से लेकर मकान बनाने तक मैंने कर्ज से पैसा लिया और अब सबकुछ खत्म हो गया। -संतोष सोनी, पीड़ित

देर रात जमीन बेचने वाले 13 लोगों पर दर्ज की गई एफआईआर

सिटी रिपोर्टर| ग्वालियर

सिरोल क्षेत्र की फूटी कॉलोनी के पास सरकारी जमीन को फर्जी नोटरी के सहारे बेचकर भू- माफिया करीब 95 लाख रुपए ऐंठ लिए हैं। अपने घर का सपना लेकर इन लोगों के हाथों ठगे गए 70 से ज्यादा लोग अब दो ही मांग कर रहे हैं कि माफिया से उनके पैसे वापस दिला दिए जाएं, या फिर कहीं रहने को जगह मिल जाए। वहीं कुछ लोग शुक्रवार सुबह प्लॉट बेचने वाले लोगों के घरों पर पहुंचे। लेकिन प्लॉट बेचने वाले लोग घरों पर नहीं मिले और अब लोगों को पैसे वापसी का संकट है। थाना प्रभारी सिरोल संतोष सिंह भदौरिया के अनुसार रामनरेश जाटव की शिकायत पर रामबली यादव और राजेंद्र जाटव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन्हें आरटीओ ऑफिस की जमीन पर 25 हजार रुपए में प्लॉट बेचा गया था। इसके अलावा पवन शर्मा की शिकायत पर मायाराम, लक्ष्मण, जितेंद्र, रामहेत, जसवंत माहौर, कोकसिंह, ढोंगी बाबा शिवहरे, रमेश कुशवाह, बलवीर, कौशलेंद्र, लक्ष्मण, महेश के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन्होंने 1.65 लाख रुपए में प्लॉट बेचा था। थाना प्रभारी श्री भदौरिया का कहना है कि आरोपियों ने कुछ और लोगों को भी प्लॉट बेचे थे, इनके आवेदन पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।

प्लॉट बेचने वालों को चिह्नित किया है
सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के बाद उन लोगों को चिह्नित किया गया है जिन्होंने इस जमीन पर प्लॉट बेचे थे। पुलिस को इन लोगों की लिस्ट दे दी गई है। महीप तेजस्वी, एसडीएम

फूटी कॉलोनी के पास स्थित सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से प्लॉट बेचे जाने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। इस मामले में प्लॉट खरीदने वाले लोगों के बयान भी लिए जाएंगे, उसके अाधार पर आगे की कार्रवाई होगी। -संतोष सिंह, थाना प्रभारी/सिरोल

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