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धोखे से चढ़ा था ट्रेन में, आ गया ग्वालियर फिर रची अपने अपहरण की कहानी

5 वर्ष पहले
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दतिया रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन को अंदर से देखने के लिए गोदन जनपद सदस्य अरविंद यादव का बेटा आशीष धोखे से उसमें चढ़ तो गया। लेकिन वह उतर पाता इससे पहले ट्रेन ग्वालियर के लिए रवाना हो गई। ग्वालियर स्टेशन पर उतरने के बाद वापस लौटने की चिंता में वह घबरा गया। ग्वालियर स्टेशन के बाहर ऑटो ड्राइवरों ने जब उससे पूछताछ की तो घरवालों के डर से उसने झूठी अपहरण की कहानी रच दी। यह खुलासा गुरुवार को चिरुला थाना पुलिस द्वारा आशीष और उसके पिता अरविंद सिंह को साथ लेकर की गई छानबीन में हुआ। आशीष ने स्वयं पुलिस के सामने स्वीकारा कि वह गलती से ट्रेन में चढ़ गया था तथा पिटाई के डर से उसने झूठ बोला। बुधवार की रात आशीष ग्वालियर से दतिया पहुंच गया था। सुबह नौ बजे चिरुला थाना प्रभारी रोहित मिश्रा जनपद सदस्य अरविंद यादव के घर पहुंचे। यहां उन्होंने आशीष व उसके पिता से से पूछताछ की तब बालक ने खुलासा किया।



इसके बाद वे आशीष और उसके पिता को लेकर रावतपुरा सरकार स्कूल पहुंचे। जहां उन्होंने स्टाफ से पूछताछ की। स्टाफ ने बताया कि आशीष कल स्कूल ही नहीं आया था।

वहीं स्कूल के गार्ड ने भी कहा कि आशीष कल स्कूल नहीं आया था। इसके बाद पुलिस ने ऑटो ड्रायवर संतोष से पूछताछ की। संतोष प्रतिदिन आशीष को घर से स्कूल लाने और ले जाने का कार्य करता है। संतोष ने बताया कि वह सुबह 9.30 बजे आशीष को स्कूल लेकर आया था। लेकिन आशीष ने उससे ग्वालियर झांसी हाईवे पुल पर उतारने को कहा। उसने आशीष को वहां छोड़ दिया। इसके बाद वह चला गया। जब पुलिस और ऑटो ड्रायवर से आमना-सामना हुआ तो आशीष ने खुद ही सही कहानी बताना शुरू कर दिया। आशीष ने बताया कि हाईवे पुल से वह सीधे दतिया स्टेशन पहुंचा। जहां ग्वालियर की ओर जाने वाली एक ट्रेन खड़ी थी। उसे अंदर से देखने के लिए वह उसमें चढ़ गया। तभी अचानक ट्रेन चल पड़ी। स्पीड बढ़ने की वजह से वह उतर नहीं पाया। ग्वालियर में ट्रेन रुकी तो वह स्टेशन पर उतरा और घबरा गया। घबराहट में वह स्टेशन के बाहर ऑटो स्टैंड पर जाकर बेहोश हो गया। जहां पूछे जाने पर उसने डर की वजह से अपहरण की झूठी कहानी रची थी।

स्वेच्छा से ग्वालियर पहुंच गया था बालक
बच्चे के पिता के साथ स्कूल जाकर पड़ताल की व ऑटो ड्राइवर से भी पूछताछ की इसके बाद बच्चे ने पहले बताई कहानी को झूठा बताते हुए स्वेच्छा से ग्वालियर जाने की बात कही। - रोहित मिश्रा, थाना प्रभारी चिरुला

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