उम्र भर की यही कमाई है
सिटी रिपोर्टर सर्द मौसम ने अब कहा टाटा, गुनगुनी धूप मुस्कराई है, लोग झुककर सलाम करते हैं, उम्र भर की यही कमाई है। यह पंक्तियां कादंबरी आर्य ने पढ़ीं। अवसर था कला वीथिका में ग्वालियर साहित्य पर्व का। कवि सम्मेलन से पहले कविता संग्रह \\\"बात समंदर से\\\' का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा थे। अध्यक्षता प्रेमचंद सृजन पीठ उज्जैन के निदेशक जगदीश तोमर ने की। इस मौके पर महिला साहित्यकारों का सम्मान भी किया गया।
इनका हुआ सम्मान
कार्यक्रम में सत्या शुक्ला, डॉ.लक्ष्मी मिश्रा, डॉ.पुष्पा सिसोदिया, डॉ.प्रमिला श्रीवास्तव, सुनीति वैश्य, डॉ.अन्नपूर्णा भदौरिया, प्रेमा शुक्ला, कादंबरी आर्य, डॉ.रेखा वशिष्ठ, मधुलिका सिंह, अनीता करकरे, डॉ.ज्योत्सना सिंह सहित अन्य का सम्मान हुआ।
कला वीथिका में महिला साहित्यकारों का सम्मान करते अतिथि।
हंस-हंस के तय करूंगी अपनी डगर, अब आंखों में एक आंसू न होगा
ग्वालियर साहित्य पर्व में रविवार को महिला साहित्यकारों का सम्मान किया गया और कवि सम्मेलन भी हुआ
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