प्रभारी मंत्री शहर में तो डेंटिस्ट से दिखा दिए बुखार के मरीज
जिला अस्पताल में बुधवार को बुखार, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियों के मरीजों को देखने के लिए ओपीडी में कोई मेडिकल ऑफिसर नहीं था। शहर में प्रभारी मंत्री जयंत मलैया मौजूद हैं। डॉक्टर नहीं बैठने का मामला कहीं प्रभारी मंत्री तक न पहुंच जाए, इसलिए ओपीडी में दांत के डॉक्टर को बुखार, खांसी, जुकाम के जनरल मरीजों को देखने के लिए बैठा दिया। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला अस्पताल मुरार में ओपीडी में दिखाने आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए मेडिकल ऑफिसर एक कमरे में बिठाया जाता है जो सामान्य बीमारी के मरीजों को दवा लिखकर दे देता है और यदि कोई रोगी गंभीर है तो उसे विशेषज्ञ के पास रैफर कर देता है। इससे विशेषज्ञों के पास अनावश्यक भीड़ नहीं होती है। जिला अस्पताल मुरार में बुधवार को मरीज देखने के लिए कोई मेडिकल ऑफिसर नहीं था। डॉ. ओपीएस चौहान की मुख्यमंत्री तीर्थ योजना की ट्रेन में ड्यूटी लगी है। डॉ. ओपी शिवहरे की दोपहर में ड्यूटी है। डॉ. अर्पित जैन छुट्टी पर हैं। मरीजों की भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को जब कोई नहीं मिला तो उन्होंने दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सिंघई को बुखार, खांसी ,जुकाम के जनरल मरीज देखने के लिए बिठा दिया। कई मरीज तो बिना दिखाए ही लौट गए तो कुछ दंत के डॉक्टर से ही बुखार का इलाज लेकर चले गए।
बुखार है और दांत के डॉक्टर ने देखकर दवा लिख दी है। हम कर भी क्या सकते हैं। -पंकज सिंह, मरीज, सात नंबर चौराहा मुरार
मुझे जुकाम और हल्का बुखार है। डेंटेस्टि बैठे थे, इसलिए बिना इलाज के ही घर जा रही हूं। -कृष्णा भदौरिया, मरीज
सिविल सर्जन से बात करूंगा
दांत वाला डॉक्टर दांत का इलाज कर सकता है। अन्य इलाज के लिए मेडिकल ऑफिसर बिठाया जाना चाहिए था। इस मामले में सिविल सर्जन से पूछा जाएगा। -डॉ. अनूप कम्ठान, सीएमएचओ