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फिरकी के जाल में उलझकर रह गई ग्वालियर

3 वर्ष पहले
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टीम में सात रणजी खिलाड़ी फिर भी पहले मैच में शहडोल और दूसरे मैच में सागर के विरुद्ध हार का सामना करना पड़ा

शहडोल के स्पिनर्स ने 18 जबकि सागर के फिरकी गेंदबाजों ने 13 बार बल्लेबाजों को चलता किया



स्पोर्ट्स रिपोर्टर | ग्वालियर

लंबे समय से मप्र क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर रहे ग्वालियर को एमवाय मेमोरियल क्रिकेट चैंपियनशिप में करारी हार का सामना करना पड़ा। टीम का प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा कि उसे सागर और शहडोल जैसी टीमों के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। दोनों मुकाबलों की कुल चार पारियों में विरोधी टीम के फिरकी गेंदबाजों ने ग्वालियर के बल्लेबाजों को 31 बार पवेलियन का रास्ता दिखाया। ये स्थिति तब रही जब टीम में सात ऐसे खिलाड़ी (मुकुल राघव, अंशुल त्रिपाठी, सोराब धालीवाल, अंकित कुशवाह, आनंद बैस, वसीम अहमद, अमित शर्मा) शामिल थे जो रणजी ट्रॉफी में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

ग्वालियर ने 1996-97 में आखिरी बार एमवाय मेमोरियल टूर्नामेंट में बतौर संयुक्त विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। हालांकि इस चैंपियनशिप से पहले खेले गए माधवराव सिंधिया मेन्स सीनियर लिमिटेड ओवर्स टूर्नामेंट में फाइनल तक का सफर तय करने के बाद ये उम्मीद जताई जा रही थी कि ग्वालियर इस बार 20 साल का सूखा खत्म कर सकता है। लेकिन हुआ इसके ठीक उलट।

पहले मुकाबले में शहडोल जैसी टीम से पहली पारी में 112 रन की बढ़त लेने के बाद भी ग्वालियर को 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। जबकि दूसरे मुकाबले में सागर ने पहली पारी में 15 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद 441 रन का स्कोर खड़ा किया वहीं ग्वालियर पहली पारी में मात्र 259 रन ही बना सकी। दूसरी पारी में भी 502 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ग्वालियर मात्र 246 रन पर ढेर हो गई। आंकड़ों पर नजर डालें तो पहले मैच में शहडोल के फिरकी गेंदबाजों ने 18 बार बल्लेबाजों को चलता किया वहीं दूसरे मुकाबले में सागर के स्पिनर्स ने 13 बार ग्वालियर के बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। हालांकि इस टूर्नामेंट में ग्वालियर के स्पिनर्स का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। पवन धाकड़ ने 8, अपूर्व पुरोहित ने 7, अंकित कुशवाह ने 5 और सोराब धालीवाल ने 4 विकेट हासिल किए।

दूसरी पारी में दोनों बार शून्य पर आउट हुए आनंद

स्टार बल्लेबाज आनंद बैस ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी कर टीम को संकट से उबारने का काम किया लेकिन दूसरी पारी में वे बुरी तरफ से फ्लॉप रहे। शहडोल के खिलाफ आनंद ने पहली पारी में 170 रन और सागर के खिलाफ 56 रन की पारी खेली लेकिन दोनों ही मुकाबलों की दूसरी पारी में वे बिना खाता खोले चलते बने।

टॉप आर्डर ने किया निराश

इस टूर्नामेंट में मुकुल राघव और वसीम अहमद का प्रदर्शन बेहद औसत दर्जे का रहा। मुकुल ने जहां 35 रन बनाए वहीं वसीम अहमद भी चार पारियों में मात्र 19 रन ही बना सके। वहीं अंशुल त्रिपाठी ने 186 रन, आनंद बैस ने 226 रन और सोराब धालीवाल ने 123 रन बनाए।

Tournament Analysis

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