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800 में से एक बच्चा होता है डाउन सिंड्रोम से ग्रसित, लक्षण दिखने पर कराएं टेस्ट

3 वर्ष पहले
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सामान्य अवस्था में डाउन सिंड्रोम होने की संभावना 800 में से एक बच्चे को होती है। यदि मां की उम्र 15-19 वर्ष के बीच है, तो 1050 में 1 और यदि मां की आयु 45 वर्ष से अधिक है, तो 50 में से 1 बच्चे में डाउन सिंड्रोम होने की संभावना रहती है। यदि सही समय पर लक्षणों के पता चलने पर माता-पिता विशेषज्ञ से जेनेटिक काउंसिलिंग और जांच करवाएं तो सही समय पर इसका निदान किया जा सकता है। इसके लिए पैरेंट्स ट्रिपल टेस्ट, कोरियन वाइलस सैंपलिंग, एम्नीयो-सेंटिसिस, अल्ट्रा सोनोग्राफी टेस्ट करा सकते हैं। यह बात रोशनी स्कूल की स्पेशल एजुकेटर्स ने बुधवार को वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम डे पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने बताया कि डाउन सिंड्रोम से ग्रसित बच्चे बचपन से ही हंसमुख, भावुक और शर्मीले स्वभाव के होते हैं। ये संगीत एवं नृत्य में अभिरुचि रखते हैं। इसलिए इन्हें भी सामान्य बच्चों की तरह की व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सबसे पहले 1866 में डाॅ. लैंग्डन डाउन ने इसका पता लगाया। उनके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति में 23 जोड़े यानी 46 क्रोमोसोम पाए जाते हैं।

Health Seminar

एक्सपर्ट ने डाउन सिंड्रोम के लक्षण भी बताए।

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