पिता ने बेटी की डंडे से पिटाई फिर फेंका तेजाब, अब कोर्ट ने दी 10 साल की सजा

5 वर्ष पहले
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ग्वालियर. बेटी के खाना नहीं बनाने से गुस्साए पिता ने उसके साथ न केवल डंडे से मारपीट की अपितु उसके ऊपर तेजाब भी फेंक दिया। इसके बाद भी 18 वर्षीय बेटी कोर्ट में सुनवाई के दौरान पिता का बचाव करते हुए बोली कि गलती से कास्टिक सोड़ा उसके  ऊपर गिर गया। लेकिन  उसके 10 वर्षीय छोटे भाई ने कोर्ट में  साफ कहा कि पिता ने ही दीदी के ऊपर तेजाब फेंक था। इस पर अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद अजहर की कोर्ट ने आरोपी पिता को दस साल की सजा सुनाई। साथ ही डेढ़ हजार रुपए का जुर्माना लगाया। 

लक्ष्मीगंज में रहने वाले  नरेश तोमर (48) की  पत्नी  छत्री मंडी में काम पर गई थी। तभी नरेश ने अपनी बेटी भारती से गरम खाना खिलाने को कहा तो उसने कहा कि खाना अभी तैयार नहीं है। इससे गुस्साए पिता ने उसे पहले डंडों से मारा फिर टॉयलेट में रखी  तेजाब की बोतल उठा लाया। डर से भारती ने गेट बंद करने की कोशिश की। आरोपी पिता ने बोतल फैंककर बेटी को मारा। इससे पीड़िता के पैरों पर तेजाब के छींटे गिरे और फफोले पड़ गए। इसकी रिपोर्ट मां आैर बेटी ने थाना जनकगंज में 6 मई 2015 को की। कोर्ट में पीड़िता बेटी भारती तोमर ने गवाही देते हुए कहा कि पिता मेरे छोटे भाई को पीट रहे थे। मैं उसे बचाने के लिए आई तो,कास्टिक सोड़े की बोतल टूट गई। उसके छींटे मेरे ऊपर गिरे। वहीं छोटे भाई सचिन ने कोर्ट में गवाही देते हुए कहा कि पिता ने पहले दीदी को डंडे से मारा,उसके बाद तेजाब फेंका। कोर्ट में शासन की ओर से अधिवक्ता एसएस परिहार ने पैरवी की। 
 
 
पिता से ऐसे कृत्य की उम्मीद नहीं की सकती:
कोर्ट ने आदेश में कहा 18 वर्ष की उम्र में जब पिता बेटी की शादी की चिंता करता है,उस समय वह अपनी बेटी पर तेजाब फेंकेगा। भारतीय संस्कृति एवं परिवेश में एक पिता से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती। भारतीय संस्कृति और परिवेश में पिता अपनी पुत्री का संरक्षक होता है। और उसे सभी तरह के पुत्री सुख देने का प्रयास करता है। परंतु जहां रक्षक ही इस तरह का कृत्य करे,जिसमें बेटी इतनी भयभीत रहे कि कोर्ट में भी वह प्रमुख विषय पर पक्ष विरोधी हो जाए।
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