मुरैना/ग्वालियर. पुलिस ने घर लौट रहे दो बाइक सवारों को रोककर पीटा और एक युवक को नहर में धकेल दिया, जिसमें डूबने से उसकी मौत हो गई। लेकिन पुलिस डूबने वाले युवक की तलाश किए बिना उसके साथी को लेकर लौट गई।
घटना मंगलवार की शाम बमरौली गांव के पास हुई। बुधवार सुबह घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने 7 घंटे तक रिठौराकलां-मालनपुर रोड पर लाश रखकर ट्रैफिक जाम किया। ग्रामीणों के साथ भाजपा विधायक रुस्तम सिंह एवं गुर्जर समाज के नेता भी सड़क पर बैठ गए।
कलेक्टर विनोद शर्मा ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। उधर एसपी विनीत खन्ना ने थाना प्रभारी रिठौराकलां गौरव शर्मा समेत सिपाही दुर्गेश उपाध्याय, विक्रम परमार, मुनेंद्र चौहान, जितेंद्र परमार और शिवसिंह को सस्पेंड कर दिया है।
बमरोली निवासी छुन्ना (18) पुत्र सिकन्दर गुर्जर अपने दोस्त लल्ला पुत्र संतो गुर्जर के साथ मंगलवार शाम बाइक से चाचा कल्ला गुर्जर को खेत पर खाना देकर लौट रहा था। रास्ते में पुलिस के गश्ती दल ने दोनों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान हुई हाथापाई में थाना प्रभारी गौरव शर्मा ने छुन्ना को लात मारकर नहर में धकेल दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
नहर से निकालकर सड़क पर रखा शव
बुधवार सुबह 6 बजे छुन्ना के शव को ग्रामीणों ने नहर से निकालकर सड़क पर रखा। लेकिन पुलिस-प्रशासन के अफसर करीब सात घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों का आक्रोश भड़का और उन्होंने थाना प्रभारी सहित पूरी पुलिस पार्टी पर हत्या का मामला दर्ज करने, मृतक पक्ष के लोगों को 25 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति की मांग की। अफसरों की अनदेखी से गुस्साए ग्रामीण शव को लेकर मालनपुर रोड पर आकर बैठ गए और ट्रैफिक जाम कर दिया।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
ट्रैफिक जाम के सात घंटे बाद मौके पर पहुंचे कलेक्टर विनोद शर्मा ने मजिस्ट्रियल जांच का ऐलान किया। उन्होंने पीडि़त पक्ष को 50 हजार रुपए नकद सहायता की भी घोषणा की। मृतक छुन्ना के शव का पीएम भी मेडिकल बोर्ड से कराया गया।