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मृगनयनी के लिए राजा मान सिंह पहाड़ खोद कर गूजरी महल तक लाए सांक नदी का पानी

5 वर्ष पहले
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ग्वालियर। गूजरी रानी मृगनयनी के प्रेम में ग्वालियर के राजा मान सिंह तोमर ने मीलों दूर सांग नदी से गूजरी महल तक सांक नदी का पानी लाने के लिए पहाड़ों का सीना चीर केनाल बनवा दी थी। 50 किलोमीटर से आया रानी के लिए पानी...
ग्वालियर के राजा मान सिंह तोमर को भी प्यार हो गया था, गांव की भोली-भाली, किंतु साहसी निन्नी(मृगनयनी) से। शादी के लिए निन्नी की शर्त थी कि वह अपने राई गांव से निकली सांक नदी का पानी ही पिएगी। राजा मान ने निन्नी के लिए 50 किलोमीटर दूर राई गांव से करीब 30 मीटर ऊंचे ग्वालियर दुर्ग तक पाइपलाइन बिछा दी थी। इसके बाद निन्नी के लिए गूजरी महल बनवाया और निन्नी मृगनयनी बन गई।
वैलेंटाइन डे के मौके पर dainikbhaskar.com बता रहा है, ग्वालियर के राजा मान सिंह तोमर और मृगनयनी की प्रेम कहानी...
निन्नी की बहादुरी पर मोहित हो गए राजा मान
ग्वालियर के महाराजा मान सिंह तोमर शिकार करने गए तो देखा एक गूजर युवती निन्नी हिरण के शावक को बचाने शेर से भिड़ गई। इसके बाद उसने गांव के एक बच्चे की तरफ बढ़ रहे एक जंगली भैंसे को भी सींगों से पकड़ कर रोक दिया। पहली ही मुलाकात में राजा मान निन्नी को दिल दे बैठे। राजा ने उसके बड़े भाई अटल के सामने उसकी बहन से विवाह का प्रस्ताव रखा। राजा का प्रस्ताव निन्नी ने स्वाकर तो कर लिया, लेकिन अपनी एक इच्छा जाहिर कर दी। निन्नी की इच्छा थी कि वह जन्म से राई गांव की जिस सांक नदी का पानी पीती रही है, वह उसे रानी बनने के बाद भी मिलता रहे।
किले के प्रवेश द्वार पर ही बनवाया गूजरी महल
निन्नी की शर्त पूरा करने के लिए राजा मान सिंह के इंजीनियरों ने योजना बनाई तो समझ में आया किले के सबसे ऊपर बने राजा मान के महल मान मंदिर तक पानी प्राकृतिक रूप से पहुंचा पाना असंभव है। लिहाजा किले के नीचे के शहर की ओर खुलने वाले प्रवेश द्वार पर निन्नी के लिए महल बनाने का फैसला किया गया। महल बना, इसे गूजरी महल नाम दिया गया, और राई से सांक नदी का पानी पहुंचाने, यहां तक पाइपलाइन डाल दी गई।
गूजरी महल तक बनाई सुरंग
महाराजा मान सिंह तोमर किले से बाहर निकलते वक्त एवं किले में प्रवेश के वक्त मृगनयनी से जरूर मिलते थे, मृगनयनी इन अवसरों पर उनका स्वागत करती थीं। इसलिए महाराजा मान सिंह तोमर के महल से एक सुरंग सीधे नीचे गूजरी महल तक बनाई गई थी। इसी सुरंग के जरिए महाराजा मान सिंह तोमर गूजरी रानी से मिलने आया करते थे।
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