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इमली के बीज, अरबी का गोंद और गोल्ड की पॉलिस से बनता है दरबार, कीमत ‌ 7 लाख

4 वर्ष पहले
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ग्वालियर. इमली के बीज का पहले पाउडर तैयार किया जाता है। इसके बाद वुडन पर प्लेन कपड़े पर अरबी से तैयार गम का लेप किया जाता है। इस पर इमली के बीज के पाउडर से आकृति बनाई जाती है। कपड़े पर इस आकृति बनने के बाद इसके ऊपर सोने की परत चढ़ाई जाती है। इस पर फूलों से तैयार होने वाले रंगों का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार इमली के बीज से करीब 8 महीने में बालाजी और श्रीराम का दरबार तैयार होता है।
 
 
इसमें इमली के पाउडर का उपयोग इसलिए किया जाता है, क्योंकि न तो इसमें कीड़ा लगता है और मौसम की नमी भी नहीं आती है। इसलिए हमेशा एक सा दिखाई देता है। कुछ इसी प्रकार के एंटिक आइटम पहली बार मानस भवन में तमिलनाडु हैंडीक्रॉफ्ट डवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से 10 दिवसीय हैंडीक्रॉफ्ट फेयर में आए हैं। 
 
पट की भी व्यवस्था
बालाजी दरबार की हाइट 6  फीट के करीब है। इसकी कीमत 7 लाख रुपए। इसमें पट बंद करने की भी सुविधा है। बाहर शक्ति के चित्र बनाए गए हैं।
 
दरबार में राम कथा
राम अवतार: इस दरबार में श्रीराम की कथा को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है। इसमें श्रीराम जन्म, सीता के साथ विवाह, लंका युद्ध और रावण बध शामिल है। इसे बनाने में करीब 8 महीने तक का समय लगता है। इस राम अवतार की कलाकृति में 30 हजार रुपए गोल्ड की पॉलिशन की गई है। साथ ही फेमिंग वुडन की है। 
 
वुडन की कटलरी
खाना बनाने के उपयोग में आने वाले किचन सेट भी वुडन में आया है। साथ ही लकड़ी के खिलौने से लेकर कंगन का सेट भी आया है। 
 
ग्लास ज्वेलरी
कांच को भट्‌टी में गलाने के बाद इसे सांचे में डालकर अलग-अलग साइज में ढाला जाता है।  इसमें सभी डिफरेंट साइज के होते हैं। साथ ही इनके कलर भी अलग होते हैं। 
 
कैंडल जलते ही खुशबू
फेयर में अलग-अलग साइज की कैंडल आई हैं। यह कैंडल एक फीट तक साइज में हैं। इन कैंडल में में गुलाब, चमेली और गेंदा आदि की खुशबू का प्रयोग किया गया है। 
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