ग्वालियर। व्यापारी टैक्स देकर ही व्यापार करना चाहता है, लेकिन सरकार को टैक्स की दरों का ध्यान रखना चाहिए। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने भी कहा कि सरकार टैक्स का सरलीकरण ही करना चाहती है और इसके लिए सुझाव लेने स्वयं शहरों में जा रहे हैं।
बुधवार को प्रदेश की वित्त मंत्री जयंत मलैया प्री-बजट चर्चा करने के लिए ग्वालियर में व्यापारिक संगठनों के पास आए थे। व्यापारियों ने प्रदेश में कर की जांच चौकियों से लेकर फ्लाइंग दस्ते पर सवाल उठाए। कई लोगों ने पेट्रोलियम पर टैक्स की दरों को सही करने के लिए कहा। लोगों का कहना था कि पड़ोसी राज्यों में टैक्स की दरें कम हैं, जिसके कारण मप्र का व्यवसाय खत्म हो रहा है। सरकार को भी रेवेन्यू नहीं मिल रहा है।
एलईडी प्रोडक्ट पर टैक्स कम करने की मांग
मप्र में एलईडी बल्ब पर टैक्स 5 प्रतिशत है, लेकिन उससे जुड़े प्रोडक्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स लिया जाता है। बजट में इस पर जरूर ध्यान दिया। इसी प्रकार गजक को फूड प्रोसेसिंग मानकर टैक्स लगाया जाता है। जो भी वाहन प्रदेश में बेचे जा रहे हैं, उस पर टैक्स के साथ एंट्री टैक्स भी है, जबकि पड़ोसी राज्यों में नहीं है।
इस चर्चा के अंत में वित्त मंत्री मलैया ने आश्वासन दिया कि सरकार ने सभी लोगों के सुझावों को लिया है और प्रयास रहेगा कि बजट में शामिल किया जाए। सरकार की कोशिश है कि बजट के साथ टैक्स का सरलीकरण हो।
स्लाइड् में है इस मामले का एक और फोटो.....