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बेटा नहीं करेगा मेरा अंतिम संस्कार, राजमाता ने क्यों लिखी ऐसी वसीयत

4 वर्ष पहले
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भोपाल. 12 अक्टूबर को ग्वालियर राजघराने की राजमाता विजयाराजे सिंधिया का जन्मदिन था। बताया जाता है कि विजयाराजे के अपने बेटे माधवराव सिंधिया से संबंध ठीक नहीं थे। इसके चलते राजमाता ने अपना अंतिम संस्कार बेटे के हाथों करवाने से मना कर दिया था। आखिर राजमाता को ऐसा क्यों लिखना पड़ा ? उनके एकमात्र बेटे माधवराव सिंधिया से संबंध खराब क्यों रहे ? DainikBhaskar.com विजयाराजे सिंधिया के जन्मदिन पर बता रहा है उनके जीवन से जुड़े कुछ खास किस्से...
 
 
- विजयाराजे सिंधिया और एक उनके एक मात्र पुत्र और कांग्रेस नेता रहे माधव राव सिंधिया के बीच संबंध बेहद खराब थे। 
 - विजयाराजे अपने बेटे माधवराव सिंधिया से इतनी नाराज थीं कि 1985 में अपने हाथ से लिखी वसीयत में उन्होंने माधवराव सिंधिया को अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी इनकार कर दिया था। हालांकि 2001 में उनके निधन के बाद उनके बेटे माधवराव सिंधिया ने ही उनकी चिता को मुखाग्नी दी थी।
 
महल में रहने के लिए बेटे से किराया मांगा
- विजयाराजे सिंधिया पहले कांग्रेस में थीं, लेकिन इंदिरा गांधी द्वारा राजघरानों के प्रीवी पर्स खत्म करने के बाद दोनों के बीच ठन गई और विजयाराजे जनसंघ में शामिल हो गई। 
- उनके बेटे माधवराव सिंधिया भी कुछ समय तक जनसंघ में रहे, लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली। 
- विजयाराजे सिंधिया ने कहा था कि इमरजेंसी के दौरान उनके बेटे के सामने पुलिस ने उन्हें लाठियों से मारा था। 
- उनका आरोप था कि माधवराव सिंधिया ने ही उन्हें गिरफ्तार करवाया था। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के साथ-साथ मां-बेटे के बीच निजी रिश्ते भी इतने खराब हो गए थे कि विजयाराजे ने ग्वालियर के जयविलास पैलेस में रहने के लिए माधवराव सिंधिया से किराया भी मांग लिया। विजयाराजे से माधवराव सिंधिया से एक रुपए साल का किराया मांगा था।
 
बेटियों को दी भरपूर धन दौलत
- 2001 में विजयाराजे सिंधिया का निधन हो गया था। विजयाराजे की वसीयत के हिसाब से उन्होंने अपनी बेटी को तमाम जेवरात और अन्य कीमती चीजें दी थीं। - यहां तक कि अपने राजनीतिक सलाहकार और बेहद विश्वस्त संभाजीराव आंग्रे को विजयाराजे सिंधिया ट्रस्ट का अध्यक्ष बना दिया।
-  विजयाराजे सिंधिया की दो वसीयतें सामने आई थीं। एक 1985 और दूसरी 1999 की। वसीयत विवाद अब कोर्ट में चल रहा है।
 
एक बेटी सीएम, तो दूसरी प्रदेश में मिनिस्टर
- विजयाराजे सिंधिया की शादी 1941 में ग्वालियर के महाराजा जीवाजीराव सिंधिया से हुई थी। उनके पांच बच्चे थे। 
- सबसे बड़ी बेटी पद्मावती राजे सिंधिया की शादी त्रिपुरा के महाराजा किरीट देब बर्मन से हुई थी। 1964 में पद्मावती राजे का निधन हो गया था। 
- दूसरी बेटी ऊषाराजे सिंधिया की शादी नेपाल के शाही खानदान में पशपुति शमशेर जंग बहादुर राणा से हुई थी। वे राजनीति से दूर हैं। 
- उनके बेटे माधवराव सिंधिया कांग्रेस की सरकार के दौरान केंद्र में मिनिस्टर रह चुके थे। 2001 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। 
- एक बेटी वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की मुख्यमंत्री हैं। सबसे छोटी यशोधराराजे सिंधिया एमपी में खेल मंत्री हैं।
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