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यमराज दिखाई दिए तो हमने समझ लिया मौत आ गई

5 वर्ष पहले
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ग्वालियर। अक्टूबर 1981 का दिन, रतियन का पुरा गांव में पुलिस पान सिंह तोमर डकैत को घेर रखा था। उसी दिन हमें यमराज भैंसे पर दिखाई दिए, तो समझ गए कि अंत आ गया। हमने चाचा को भी बताया, लेकिन वे समझे नहीं। यह कहना है पान सिंह के भतीजे बलवंत का, जो अंत में समय में उनके साथ था। लालच में आकर खाने में जहर मिलाया...
बलवंत, जो एनकाउंटर के समय गांव में अपने चाचा पान सिंह तोमर के साथ ही था। वे बताते हैं कि पुलिस ने सुनियोजित ढंग से जाल बिछाया और रतियन का पुरा निवासी मोती को इनाम की रकम और उसके लड़के को पुलिस में नौकरी देने का लालच दिया। इसी लालच में आकर मोती ने चाचा पान सिंह के खाने में जहर मिला दिया।
चंबल के बीहड़ में डकैतों का आतंक हमेशा से रहा है। dainikbhaskar.com जानें चंबल के डाकुओं की सीरीज के तहत बता रहा है यहां के डाकुओं के बारे में।
चाचा को यमराज के बारे में बताया
हमने तो चाचा को बताया कि सुबह के समय सपने में यमराज भैंसे पर चढ़कर आते दिखाई दिए हैं। इस गांव में मत रुको। लेकिन चाचा रतियन का पुरा में मोती को जानते थे। उन्होंने ध्यान नहीं दिया और हमें डांट दिया। इसी जहर के कारण चाचा पुलिस का मुकाबला नहीं कर पाए। उनके तो पास आने से ही पुलिस डरती थी।
गाय छोड़ने के लिए कहा था चाचा ने
चाचा पान सिंह ने मोती से कहा था खेतों में गांवों की गायें छोड़ दो। पुलिस गायों पर गोली नहीं चलाएगी और मैं आसानी से बाहर निकल जाऊंगा। मोती ने ऐसा नहीं किया औऱ पुलिस ने उन्हें मार दिया।
अगली सीरीज में पढ़िए, कैसे पान सिंह का भतीजा बना स्टोन का एक्सपोर्टर
आगे स्लाइड्स में है इस मामले के कुछ फोटोज....
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