स्वास्थ्य विभाग करता है सप्लाई
स्वास्थ्यविभाग प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों की अमानक दवाओं की जानकारी लेने की खानापूर्ति पर असली बात छिपा गया। जवाब में कहा गया कि पांच सालों में कोई अमानक दवा सप्लाई नहीं हुई, जबकि दर्जनों अमानक दवाओं की जानकारी नेता प्रतिपक्ष के पास है। डीबी स्टार ने इस मामले में जब जांच की, तो चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं कि दवा खरीद की प्रक्रिया को धता बताते हुए ये दवाएं लीं और बांटी गईं। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपए की दवाएं हर माह खरीदी और बांटी जाती हैं।
गत वर्ष सितंबर माह में शिवपुरी में डेंगू से हो रही मौतों पर पीड़ितों को सांत्वना देने पहुंचे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भी घटिया दवाओं को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा था। स्थानीय लोग अस्पताल से मिली दवाएं उन्हें देकर कह रहे थे कि ये असर ही नहीं कर रही हैं।