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अब हाथ से किया जा रहा है िस्प्रंग पर पेंट

7 वर्ष पहले
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सिथौलीस्थित फैक्टरी के पेंट प्लांट में स्प्रिंग को रेड ऑक्साइड और काले रंग से रंगा जाता है स्प्रिंग रंगने के लिए लगाई गई मशीन के टैंक में 5000 लीटर पेंट आता है। इसको थिनर के साथ मिक्स किया जाता है, ताकि पेंट जमे या फटे ना। इसके लिए टैंक में ही एक प्रोपैलर लगा है, जो लगातार इस पेंट को मिक्स करता रहता है। गत माह दिवाली की छुट्टी के चलते फैक्टरी को चार दिन के लिए बंद किया गया था। ऐसे में अधिकारियों ने इस पेंट को लगातार चलाने के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगाने के स्थान पर उसमें इकट्ठा थिनर डलवा दिया। एक साथ इतना थिनर डालने की स्थिति में पहले तो पेंट पतला हुआ और बाद में फट गया। चार दिन बाद जब फैक्टरी खुली, तो पेंट फटने का पता चला।

प्रोडक्शन पर भी असर

पेंटप्लांट में कलर खराब होने से फैक्टरी के प्रोडक्शन पर भी असर पड़ रहा है। फैक्टरी में स्प्रिंग तो तैयार की जा रही हैं, लेकिन उन पर पेंट नहीं हो पा रहा है इस कारण लगभग 500 से ज्यादा स्प्रिंग ऐसे ही पड़ी हुई हंै, जिन पर रेड ऑक्साइड हो चुका है, लेकिन कलर नहीं हो पा रहा है।

^जिम्मेदारी तोमेरी ही है

पेंटप्लांट में बहुत ज्यादा थिनर मिलाया गया था, इस कारण वह खराब हो गया। चूंकि हमारे पास पेंट मौजूद नहीं था, ऐसे में हमारी मजबूरी थी कि हम उसी पेंट से काम चलाएं। अब उस पेंट को टैंक से निकाल दिया है। जहां तक जिम्मेदारी की बात है, तो मैं ही इसके लिए जिम्मेदार हूं।

परमानंदशर्मा, मुख्यकारखाना प्रबंधक, स्प्रिंग फैक्टरी सिथौली

^पुराना पेंटथा, अब नया भरेंगे

पेंटखराब नहीं हुआ है, बल्कि हम पुराना कामचलाऊ पेंट इस्तेमाल कर रहे थे। वह खराब हो गया, तो हमने टैंक खाली कर नया पेंट भरने की तैयारी की है। इसलिए हम पुराना पेंट िनकाल रहे हैं। नया पेंट जाएगा, तो टैंक भर देंगे।

उमाशंकर,वरिष्ठखंड अभियंता, स्प्रिंग फैक्टरी सिथौली

^पेंट आयाथा, तब ठीक था

तीनमहीने पहले जब यह पेंट हमारे पास चेकिंग के लिए आया था, उस समय वह बिल्कुल ठीक था। अब यह पेंट क्यों खराब हुआ, इसकी जानकारी तो उपयोग करने वाले अधिकारी ही बता सकते हैं।

हेमंतखेड़कर, मुख्यधातुकर्म अधीक्षक, स्प्रिंग फैक्टरी सिथौली

ऐसे तैयार की जाती है स्प्रिंग

लोहे की मोटी छड़ों को स्प्रिंग के शेप में लाने के बाद उसे गरम किया जाता है, ताकि वह लोहा लचीला हो सके। इसके बाद रंगने क