रजिस्ट्रेशन डेट बढ़ी तो बच जाएगा साल
उज्जैन स्थित विक्रम विश्वविद्यालय।
ऐसे छात्र जिनका रजिस्ट्रेशन दूसरी यूनिवर्सिटीज द्वारा रिजल्ट घोषित होने के कारण अटका हुआ है, उनके लिए मैं एक्जाम कंट्रोलर से चर्चा करती हूं। इसके बाद हम निर्णय लेकर नियमानुसार छात्रों का रजिस्ट्रेशन करा देंगे। प्रो.संगीता शुक्ला, कुलपतिजेयू
करा देंगे छात्रों का रजिस्ट्रेशन
^साल बर्बादहो जाएगा
मैंनेसागर के डॉ. हरी सिंह गौर विश्वविद्यालय से एमकॉम की परीक्षा दी थी, लेकिन यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट घोषित नहीं किया। मैंने जेयू में अंडरटेकिंग देकर प्रोबेशनरी एडमिशन ले लिया, लेकिन रिजल्ट आने के कारण हम रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए। अब मेरा एडमिशन कैंसिल करने की तैयारी की जा रही है। इससे तो पूरा साल बर्बाद हो जाएगा।
प्रार्थनासिंह, एमफिलछात्रा
जून में करा ली थी परीक्षा
डॉ. हरी सिंह गौर यूनिवर्सिटी सागर ने जून माह में ही कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों की परीक्षा करा ली थी। इनमें से कई छात्र ऐसे हैं, जो जीवाजी यूनिवर्सिटी में एम.फिल जैसे कोर्स करने के लिए एडमिशन ले चुके हैं। इन छात्रों ने प्रोबेशनरी एडमिशन लेने के बाद में छह महीने तक क्लासेस भी अटेंड कर ली हैं, लेकिन अब रजिस्ट्रेशन और नामांकन होने के कारण उनका एडमिशन निरस्त कराने की तैयारी चल रही है। इसी प्रकार विक्रम यूनिवर्सिटी उज्जैन के कई छात्रों ने ग्वालियर में एमएससी अन्य कोर्सेस में एडमिशन लिया है।
ग्वालियर
प्रैक्टिकलसेमेस्टर एक्जाम दे चुके छात्रों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की डेट बढ़ाकर जीवाजी यूनिवर्सिटी इनका एक साल बर्बाद होने से बचा सकती है। दरअसल, जेयू में एमफिल, एमएससी से लेकर अन्य कोर्सेज में एडमिशन लेने वाले छात्रों ने 18 से 20 हजार रुपए तक की फीस जमा की थी। इन छात्रों से एडमिशन के समय शपथ पत्र लिए गए थे कि वे एक निश्चित समय सीमा के अंदर अपनी मार्कशीट जेयू में जमा करा दें। अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो उनका एडमिशन निरस्त करा दिया जाएगा। अब जब छात्र मार्कशीट्स जमा नहीं करा पाए हैं, तो उनका एडमिशन कैंसिल कर फीस जब्त करने की भी बात की जा रही है। इस मामले में जेयू के अफसरों का मत यह है कि छात्रों को समय-सीमा में मार्कशीट जमा करानी चाहिए थी। वह अगर मार्कशीट जमा नहीं करा पाए हैं, तो सिर्फ कॉशन मनी ही छात्रों को वापस की जाएगी।
^हमारी ओरसे निरस्त हैं एडमिशन
अंडरटेकिंगदेकर प