यह है पूरा मामला
यह है पूरा मामला
वर्ष 2009-10 में प्रदेश में आंवला का स्पेशल प्रोजेक्ट शुरू होना था। इसके लिए ग्वालियर धार को चुना गया। ग्वालियर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अफसरों ने रायपुर की पहाड़ी को पेड़ लगाने के लिए चिन्हित किया। उस समय गांव के सरपंच लक्ष्मण प्रसाद थे। अफसरों ने सरपंच से बात करके आंवला, नीम तथा सागौन के दस हजार से अधिक पौधे भेज दिए। लेकिन इन्हें लगवाने के लिए कोई बजट रिलीज नहीं किया। पेड़ सूख जाएं, इसलिए सरपंच ने अपने स्तर पर ही पेड़ लगवा दिए। कुल मिलाकर 5.25 लाख रुपए खर्च हुए, लेकिन इसमें से सिर्फ 75 हजार रुपए का ही लक्ष्मण प्रसाद को भुगतान हो पाया।