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डेढ़ महीने से शरीर में धंसे हैं गोली के छर्रे
कुम्हरपुरामें गत एक नवंबर को सुबह करीब 11 बजे दो पक्षों के बीच गोलीबारी में प्रजापति मंदिर के पास रामकली बाथम की बांह में चार छर्रे कूल्हे में एक गोली लग गई।
रामकली को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चला। चार दिन बाद पांच नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया, इस दौरान तो रामकली की बांह से छर्रे निकाले गए और ही कमर से गोली। रामकली के परिजनाें ने डॉक्टरों से एक्स-रे सहित अन्य रिपोर्ट भी मांगी, लेकिन पुलिस केस होने की बात कहकर उन्हें कोई रिपोर्ट नहीं दी गई। डेढ़ महीना बीतने के बाद रामकली के घावों में फिर दर्द होने लगा है। रामकली रात-रात भर कराहती हैं।
^हर हालमें होगा रामकली का इलाज
अगरडॉक्टरों ने रामकली की गोली नहीं निकाली है, तो यह गलत है। मैं इस बारे में अस्पताल प्रशासन से बात करता हूं। हो सकता है कि गोली नहीं निकालने के पीछे कोई टेक्निकल कारण हो। रामकली दोबारा अस्पताल में भर्ती हो जाएं, उनका हर हाल में इलाज होगा।
पी.नरहरि, कलेक्टर
^दर्द केकारण पूरी रात नींद नहीं आती
शरीरमें धंसी गोली बहुत दर्द कर रही है। रात-रात भर जागती रहती हूं। घर में कमाई का कोई साधन नहीं है। दो बेटेे हैं, जो मजदूरी करते हैं। ऐसे में मैं अपना उपचार भी नहीं करा सकती हूं। सरकारी अस्पताल में कोई सुनता नहीं है और निजी अस्पताल भी इलाज को मना कर रहे हैं। अब मैं अपना इलाज कहां कराऊं, कुछ भी समझ में नहीं रहा है।
रामकलीबाथम, शिकायतकर्ता