तीन से छह माह में आती है जांच रिपोर्ट
तीन से छह माह में आती है जांच रिपोर्ट
भोपालसे दवाओं की जांच रिपोर्ट आने में करीब तीन से छह माह का समय लग जाता है। इधर, ग्वालियर के अस्पतालों में जांच रिपोर्ट आए बिना ही मरीजों को दवाएं दे दी जाती हैं। यदि रिपोर्ट आने के बाद कोई अमानक दवा निकलती भी है, तो कोई मतलब नहीं होता। इस मामले में जब डीबी स्टार ने जिम्मेदारों से बात की, तो सब अपनी-अपनी परेशानियों का हवाला देकर बचते नजर आए। मगर मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी कोई भी लेने को तैयार नहीं हुआ। दरअसल, खाद्य एवं ड्रग विभाग की प्रयोगशाला 1980 के पहले इंदौर में थी और फिर इसे भोपाल भेज दिया गया। यहां अब प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों से भेजी गई दवाओं की जांच होती है। इसीलिए जांच रिपोर्ट आने में देरी होती है।