सत्संग से विवेक आता है: आचार्य दीवोलिया
ग्वालियर| सत्संगसे विवेक आता है। यह सत्संग राम की कृपा के बिना नहीं हो सकता है। वे लोग बड़े भाग्यशाली हैं, जिनके अंतर्मन में यह भाव जागृत होता है। यह विचार आचार्य पद् मनारायण दीवोलिया ने सोमवार को सनातन धर्म मंदिर में भागवत कथा सुनाते हुए व्यक्त किए।
आचार्यश्री ने कहा कि आज समाज की सबसे बड़ी समस्या है कि माता-पिता तो पुत्र के प्रति अपने सारे दायित्वों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करते हैं लेकिन पुत्र अपने दायित्वों के निवर्हन में विफल रहते हैं। इस समस्या का पूर्ण समाधान शास्त्रों में उपलब्ध है। पुत्र की उत्पत्ति में उसके शरीर का एक-एक तत्व माता-पिता द्वारा ही बनता है। संतानोत्पत्ति पिता द्वारा ही होती है। उसी स्वभाव को लेकर ही बालक जन्म लेता है। इसके उपरांत उन्होंने कपिल भगवान की कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रद्धालु आनंद विभाेर हो उठे।