महिलाएं किचन ही नहीं कार चलाने में आगे
सिटी रिपोर्टर } घरकी किचन संभालने के साथ महिलाएं कार सीखने और चलाने में खासी रुचि दिखा रही हैं। मेट्रो सिटी की तर्ज पर अब शहर में महिलाओं को कार चलाते देखा जा सकता है। आरटीओ ऑफिस से मिले आंकड़े भी इसे साबित कर रहे हैं। महिलाओं का यह सपना पूरा करने में उनके परिजनों के अलावा शहर में संचालित कार ड्राइविंग स्कूल का भी अहम योगदान है। ड्राइविंग स्कूलों में महिलाएं बड़ी संख्या में कार सीखने पहुंच रही हैं। महिलाओं का कहना है कि कार चलाने के दो फायदे होते हैं। पहला अगर घर पर कोई नहीं है तो आप कार से खुद बाजार जा सकती हैं। दूसरा यह कि आपको ड्राइवर की जरूरत नहीं है। इसके अलावा महिलाएं शहर में टू-व्हीलर की अपेक्षा फोर व्हीलर से सफर करना ज्यादा सुरक्षित मानती हैं।
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लाइसंेस के लिए आवेदक को अपना फोटो प्रूफ आईडी के साथ निवास प्रमाण पत्र आरटीओ ऑफिस में जमा करना होती है। शुरुआत में लर्निंग और बाद में स्थाई लाइसेंस बनता है।
वर्ष लाइसेंस संख्या
2009-10 2341
2010-112796
2011-122958
2013-143170
बढ़ रहा रुझान
शहरमें कार चलाने के प्रति महिलाओं का रुझान बढ़ा है। पहले के मुकाबले लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। यह ट्रेंड पिछले तीन सालों में ज्यादा देखने में आया है।
अशोकनिगम, आरटीओ ग्वालियर
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