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इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच वालों के साथ भेदभाव
प्रदेशकेइलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्राॅनिक्स (ईएक्स) ब्रांच से पढ़ाई करने वाले हजारों छात्र सरकारी नौकरी का मौका नहीं मिलने से परेशान हैं। काफी समय से पुरानी शैक्षणिक अर्हताओं के अनुसार ही विज्ञापन निकाले जा रहे हैं, जिसमें इलेक्ट्रिकल ब्रांच से इंजीनियरिंग किए ही आवेदन कर सकते हैं।
प्रदेश के ऑटोनॉमस इंजीनियरिंग कॉलेजों में संचालित इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और आरजीपीवी के ईएक्स कोर्स में लगभग 90 प्रतिशत समानता है। आरजीपीवी द्वारा संचालित दोनों ही ब्रांच के कोर्स में भी समानता है। कई जगह इलेक्ट्रिकल ब्रांच को ईएक्स ब्रांच में अपडेट कर दिया गया है। बावजूद इसके सरकारी नौकरी के विज्ञापन में ईएक्स ब्रांच को मान्य नहीं किया जा रहा है। इसका बड़ा कारण प्रदेश सरकार के अफसरों की उदासीनता है। 2004 से ईएक्स ब्रांच शुरू होने के बावजूद सरकारी भर्ती नियमों में परिवर्तन नहीं किया गया।
छात्र आवेदन दें, हम परीक्षण करा लेंगे
अभीतक हमारे पास इस संबंध में कोई आवेदन नहीं आया है। यदि किसी छात्र को कोई आपत्ति है, तो वह आवेदन दे दें। हम उनके आवेदन पर विचार कर उसका परीक्षण करा लेंगे। प्रमोदअग्रवाल, प्रमुखसचिव, पीडब्ल्यूडी
विभाग से बात करें
विभागोंसे पद के लिए मिली अर्हता के अनुसार पीएससी विज्ञापन जारी करता है। इस मामले में आप संबंधित विभाग से बात कर लीजिए। शैक्षणिक अर्हता उन्हीं के द्वारा निर्धारित होकर आती है।
मनोहरदुबे, सचिव,एमपी पीएससी
काफीसमानताएं हैं
दोनोंब्रांच के छात्रों को समान अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि दोनों ब्रांच के कोर्स में काफी समानताएं हैं। ईएक्स ब्रांच का छात्र इलेक्ट्रिकल के कोर्स के अलावा इलेक्ट्राॅनिक्स की भी पढ़ाई करता है। इसलिए दोनों ब्रांच को समान रूप से सरकारी सेवाओं में अवसर मिलना चाहिए।
डॉ.अमित श्रीवास्तव, प्रोफेसरएंड हेड इलेक्ट्रिकल इंज़ी. विभाग एलएनसीटी भोपाल
उद्देश्य ही नहीं हो रहा पूरा
इलेक्ट्रिकल ब्रांच को इंडस्ट्रियल सेक्टर की जरूरत के अनुसार ईएक्स ब्रांच में अपग्रेड किया गया था। यही कारण है कि दोनों ही ब्रांच में समानता है। इलेक्ट्रिकल के समान ही इलेक्ट्राॅनिक्स ब्रांच काे भी छात्र तवज्जो दे रहे हैं। लेकिन अफसरों की उदासीनता और लेटलतीफी के कारण इसका उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है।