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क्षमा से बढ़ता है आपसी प्रेम भाईचारा: महापौर

7 वर्ष पहले
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एकसमाज क्षमा को जितना धारण कर सकता है, उतना ही वह बड़ा आैर महान है। हर धर्म में क्षमा का वर्णन किया गया है। क्षमा अमर है। क्षमा मांगने से काेई छोटा नहीं हो जाता है। इससे आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है। जैन धर्म से सभी लोगों को इसकी सीख लेनी चाहिए। यह विचार महापौर समीक्षा गुप्ता ने बुधवार को नई सड़क स्थित तेरापंथी धर्मशाला में दिगंबर जैन महिला परिषद की ओर से आयोजित क्षमा महोत्सव को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि परिषद की केंद्रीय अध्यक्ष शकुंतला गंगवाल ने कहा कि वास्तविकता में हम क्षमा की गरिमा को भूल चुके हैं। तथाकथित रूप में हम आधुनिक शब्दों सॉरी या माफी का उपयोग करने लगे हैं। बस एक रूढ़िवादी परम्परा काे निभा रहे हैं। कार्यक्रम को राष्ट्रीय संयोजक शीला टोंग्या ने भी संबोधित किया। दिगंबर जैन महिला परिषद की अध्यक्ष मिठ्ठू सेठी आैर सचिव अल्पना जैन ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन ममता पाटौदी डॉ. गरिमा दीवान ने किया। कार्यक्रम में डॉ. आदर्श दीवान, रेनू गंगवाल, माधवी शाह, अरुण कासलीवाल आिद उपस्थित थे।

क्षमा महोत्सव में परिषद की सदस्यों काे सम्मानित करतीं महापौर समीक्षा गुप्ता।