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हवा प्रेम की हो जिधर, मुड़े उधर की ओर

7 वर्ष पहले
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संबंधोंकी डोर का कोई ओर छोर, हवा प्रेम की हो जिधर मुड़े उधर की ओर। /यह पंक्तियां पढ़कर कवयित्री सरिता गुप्ता ने श्रोताओं की वाहवाही लूटी। अवसर था बुधवार शाम दाल बाजार स्थित नाट्य कला मंदिर का। स्व. ममता विजय शर्मा स्मृति मंच की ओर से कवयित्री सम्मेलन और भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अचीवर 2014 के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में शिराली रूनवाल का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में विशेष रुप से महापौर समीक्षा गुप्ता, संत कृपाल सिंह, प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक जगदीश तोमर, राज्य सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष बालेंदु शुक्ल, विधायक घनश्याम पिरोनिया, वरिष्ठ पत्रकार केशव पाण्डेय, राकेश अचल उपस्थित थे। इस दौरान विशेष रूप से उपस्थित अतिथियों ने स्व. ममता शर्मा से जुड़ी पुरानी यादों के संस्मरण साझा किए।

kavi sammelan

इन्होंने किया काव्यपाठ

कार्यक्रम में सत्या शुक्ला, कादंबरी आर्य, रश्मि शर्मा, डॉ. सुनीता पाठक, मुक्ता सिकरवार, रेखा भदौरिया, सुबोध चतुर्वेदी, सरिता गुप्ता अनीता प्रभाकर ने रचना पाठ किया।

छात्राओं ने दी भजनों की प्रस्तुति

कार्यक्रम में छात्राओं ने अभियान गुप्र के साथ भजनों की प्रस्तुति दी। इसमें मालिक तेरे वंदे हम, ऐसे हों हमारे करम की प्रस्तुति के साथ साथ देशभक्ति गीत भी पेश किए। प्रस्तुति देने वालों में लक्ष्मी धवल कर, श्रुतिका सुर्वे, पूर्णिमा बरुआ, अमित कुशवाह और पंकज शामिल रहे।

स्व. ममता शर्मा अवार्ड के साथ शिराली रूनवाल और अतिथि। फोटो: भास्कर