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पति गुटखे का आदी तो पत्नी को बांझपन की प्रॉब्लम संभव

7 वर्ष पहले
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बांझपनके लिए अभी तक महिलाओं को ही दोषी माना जाता था, लेकिन अब पुरुषों में यह परेशानी ज्यादा सामने रही है। पिछले तीन वर्ष में बांझपन की प्रॉब्लम फेस करने वाले नवदंपतियों की जब जांच की गई, तो इसमें चौकाने वाले नतीजे सामने आए हैं।

इसके मुताबिक 70 प्रतिशत मामलों में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में प्रॉब्लम पाई गई। इन सभी पुरुषों में कॉमन बात यह पाई गई कि वो कहीं कहीं गुटखा और पाउच का सेवन करते थे। दरअसल, पिछले कुछ समय में बढ़ते गुटखा सेवन का असर अब पुरुषों में सामने आने लगा है। वर्तमान में इस प्रॉब्लम से सबसे ज्यादा प्रभावित युवा हैं। यह बात कमला राजा हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग एवं ग्वालियर ऑब्सटेट्रिक एंड गायनकोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा आयोजित सेमिनार में भोपाल की डॉ. प्रिया भावे और गंगाराम हॉस्पिटल नई दिल्ली की डॉ. रूमा सात्विक ने कही। सेमिनार में डॉ. सचिन चित्तावार ने मौजूद डॉक्टर्स और मेडिकल स्टूडेंट्स की जिज्ञासा का समाधान किया। साथ ही आधुनिक चिकित्सा पद्धति से जुड़ी जानकारी दी।

लाइफ स्टाइल में बदलाव और जंक फूड का सेवन युवाओं में बांझपन का एक कारण है। इसके साथ ही वर्किंग यूथ में वर्क प्लेस के तनाव भी इसकी एक वजह बन रही है।

लड़कों में कारण

{गुटखे की बढ़ती आदत {स्मोकिंग {अल्कोहल

{काम का तनाव

{ज्यादा उम्र में शादी

लड़कियों में कारण

{मासिक पीरियड की अनियमितता {चेहरे पर मुंहासे निकलना {ओवर वेट होना {किसी ट्यूमर या अन्य वजह से पेट की सर्जरी होना। {40वर्ष तक फैमिली प्लानिंग करना।

बांझपन की समस्या में मध्यप्रदेश में ग्वालियर-चंबल संभाग की स्थिति ज्यादा खराब है। इसमें 70 प्रतिशत युवाओं में बांझपन की समस्या का कारण गुटका है। इस स्थिति के बाद लड़कों को सिर्फ एक चेकअप से गुजरना होता है और बाकी का इलाज और दर्द लड़कियों को झेलना होता है।

-डॉ. प्रियाभावे चित्तावार, विशेषज्ञ,भोपाल

अगर किसी महिला को ट्यूब ब्लॉक की समस्या है तो उसे तुरंत ट्रीटमेंट लेना चाहिए, क्योंकि अगर समय पर ट्यूब ब्लॉक का इलाज नहीं किया गया तो कुछ समय बाद यह बच्चेदानी में प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ जाती है। ट्यूब ब्लॉकिंग में टीवी के लक्षण आखिरी स्टेज में पता चलते हैं। जिसके बाद टेस्ट ट्यूब बेबी ही एकमात्र इलाज है।

सीएमई में मौजूद डॉक्टर्स इंसेट में संबोधित करतीं डॉ. रूमा सात्व