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चार सत्रों में टीचर्स को िसखाई लेखन शैली

7 वर्ष पहले
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चार सत्रों में टीचर्स को िसखाई लेखन शैली

सिटीरिपोर्टर :ग्वालियर

अखिलभारतीय शिक्षा संस्थान के मार्गदर्शन में इस वर्ष भी साहित्य सृजन कार्यशाला का आयोजन बालक सरस्वती विद्यामंदर गोरखी में किया गया। इसमें आठ जिलों के 70 से अिधक प्राचार्य एवं साहित्य साधक शामिल हुए। चार सत्रों में शुरू हुई इस कार्यशाला का शुभारंभ सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान के क्षेत्र प्रमुख राकेश शर्मा नारायण सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता शिव बरुआ ने कहा कि हमारे मस्तिष्क में जटिलता बहुत है, आनंद कम है, भीतर के आनंद से जटिलता का संहार होता है। जटिलता का अंत ज्ञान अनुभव से ही किया जा सकता है। कार्यक्रम में अतुल तारे ने कहा कि आज भारतीय जीवन मूल्यों का हृास होता जा रहा है।

मानवीय संवेदनाओं के हनन के कारण आज नैतिक पतन हो रहा है। आज श्रेष्ठ लेख लिखने की आवश्यकता है। जिससे नैतिक पतन को रोकने की प्रेरणा मिले। इस कार्यशाला में विभाग समन्वयक आनंद दीक्षित, साहित्यकार शिव बरूआ, गोपाल लालवानी, व्यवस्थापक राजेन्द्र वैद्य आदि उपस्थित रहे। संचालन विद्यालय के प्राचार्य रमेश चन्द्र गुप्ता ने और आभार सचिव धीरेन्द्र भदौरिया ने व्यक्त किया।

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