दूरदर्शन के कदम सुनहरे कल की ओर
दूरदर्शनका एक समय स्वर्णिम समय था, जब इस पर रामायण और महाभारत देखने के लिए लोगों को सारे काम छोड़ने पर मजबूर हो जाते थे। राजू और उड़न तस्करी, शांति, हम लोग एवं हम पांच जैसे सीरियलों के जरिए भारत के हर घर में अपनी बुनियाद पक्की कर ली थी, लेकिन निजी चैनलों के आने के बाद कड़ा कॉम्पटीशन के बाद इस दौड़ में पिछड़ गया। अब एक बार फिर दूरदर्शन नए सिरे से निजी चैनल से मुकाबला करने के लिए नए शो शुरू करने जा रहा है। इनमें से कुछ शो इसी महीने के अंतिम सप्ताह से और कुछ जनवरी से शुरू होंगे।
प्राइमटाइम पर ज्यादा फोकस
‘दूरदर्शननेशनल-देश का अपना चैनल’ टैगलाइन बदलने के साथ ही दस नए सीरियल भी प्राइम टाइम पर करेगा। इनमें अधिकांश शो सोमवार से शुक्रवार तक शाम 7 से 10 बजे के बीच शुरू होंगे।
Áकॉमेडी शो ‘हैपी होम्स’
Áलड़की के संघर्ष की कहानी ‘ख्वाबों के दरमियां’
Áमाता-पिता को संभालते हुए बेटी का संघर्ष ‘खामोश सा अफसाना’
Áपॉलिटिकल ड्रामा ‘जिंदगी एक भंवर’
Áसीनियर सिटीजंस की उपेक्षा पर शो ‘दर्द का रिश्ता’
Áपति-प|ी के झगड़े पर आधारित शो ‘जब- जब बहार आयी’
Áफैमिली ड्रामा ‘जन्मों का बंधन’
Áपर्यावरण के मुद्दे पर शो ‘प्रकृति’
Áआर्मी के बैकग्राउंड पर शो ‘पल्टन\\\'
Áमहिलाओं पर आधारित सीरियल ‘स्त्री शक्ति\\\'
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