ग्वालियर. सिंधिया स्कूल के कक्षा नौवीं का छात्र आदर्श सिंह ने 25 दिन बाद सोमवार को अपनी मां के हाथ से आइसक्रीम खाई। बिहार के सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह ने अपने बेटे आदर्श को सहारा देकर दिल्ली के अपोलो अस्पताल में पैदल भी चलाया। बेटे को लंबे समय बाद पैदल चलते देख उनकी आंखों में खुशी के आंसू गए। मंत्री ने दैनिक भास्कर को बताया कि आदर्श अब बोलने की कोशिश कर रहा है। लेकिन शब्द क्लियर नहीं बोल पा रहा इसलिए डॉक्टर उसकी थैरेपी कर रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि सोमवार को उनके बेटे को आईसीयू से सेपरेट वार्ड में भेज दिया गया है। अब आदर्श पूरी तरह खुद के सहारे सांस ले रहा है। आदर्श के गले में पड़ी नली को भी निकाल दिया गया है। इससे अब उम्मीद लगाई जा रही है कि आदर्श जल्दी बोलने लगेगा।
आदर्शकाे पुरानी बातें याद नहीं दिलाना चाहते: मंत्रीका कहना था कि सिंधिया स्कूल में उनके बेटे के साथ 20 अगस्त को जो घटना हुई है, उसे अब बेटे को याद नहीं दिलाना चाहते। उनका कहना था कि उनकी कोशिश यही है कि आदर्श सिंधिया स्कूल की कड़वी यादों को भूलकर नई जिंदगी की शुरुआत करे। मंत्री ने बताया कि 25 दिन में वह केवल एक ही दिन मंत्रालय गए हैं। बेटे की चिंता के कारण उन्होंने मंत्रालय जाना छोड़ दिया है।