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पॉवर ऑफ अटॉर्नी पर अब रजिस्ट्री के बराबर खर्च
पॉवरऑफ अटॉर्नी पर अब रजिस्ट्री के बराबर खर्च आएगा। इससे बिल्डर प्रॉपर्टी की दलाली करने वाले पॉवर ऑफ अटॉर्नी की आड़ में ठगी नहीं कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से पंजीयन विभाग की आय में बढ़ोतरी होगी। इस तरह का ड्राफ्ट सोमवार को पंजीयन दफ्तरों तक पहुंच गया है। इस पर अमल से पहले विभागीय अफसरों की राय मांगी गई है। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर जिले में हर महीने लगभग पांच सौ बिल्डर-दलाल पॉवर ऑफ अटॉर्नी कराने के बाद प्रॉपर्टी का धंधा करते हैं।
दस दिन पहले पंजीयन आय में बढ़ोतरी पॉवर ऑफ अटॉर्नी की आड़ में होने वाली हेराफेरी रोकने के लिए पंजीयन विभाग ने नया प्रस्ताव तैयार किया था। इस पर सहमति बनने के बाद सोमवार को ड्राफ्ट सभी जिलों को भेजा गया है। अभी तक पॉवर ऑफ अटॉर्नी पर केवल एक हजार रुपए का स्टाम्प खर्च आता था। अब यह व्यवस्था बदली जा रही है। नई व्यवस्था में पॉवर ऑफ अटॉर्नी यदि ब्लड रिलेशन (माता, पिता, भाई-बहन आदि) में होगी तो एक हजार रुपए स्टाम्प खर्च ही आएगा। यदि ब्लड रिलेशन नहीं है तो हर पॉवर ऑफ अटॉर्नी पर संपत्ति के बाजार मूल्य की तुलना में पांच फीसदी स्टाम्प ड्यूटी (दस्तावेज पंजीयन की तरह) देनी होगी।
गिफ्ट की प्रॉपर्टी पर स्टाम्प ड्यूटी घटी
बिल्डर-दलाल अब एग्रीमेंट पर करेंगे काम
अपने ही परिवार में यदि कोई सदस्य प्रॉपर्टी गिफ्ट (दान) करता है तो अब उसे केवल 2.5 फीसदी स्टाम्प ड्यूटी देनी होगी। अभी स्टाम्प ड्यूटी पांच फीसदी चुकानी होती है। इसी तरह से बंटवारे के दस्तावेज पर भी 2.5 फीसदी स्टाम्प ड्यूटी लगेगी। अभी इस तरह के दस्तावेज पर चार फीसदी स्टाम्प ड्यूटी लगती है। इस तरह के दस्तावेज बहुत कम रजिस्टर्ड होते हैं, इसलिए पंजीयन विभाग ने इनमें स्टाम्प ड्यूटी कम की है।
पॉवर ऑफ अटॉर्नी पर स्टाम्प ड्यूटी लगने से बिल्डर प्रॉपर्टी के दलाल अब एग्रीमेंट (एक हजार रुपए के स्टाम्प खर्च पर) कराएंगे। फर्क सिर्फ इतना रहेगा कि एग्रीमेंट पर वे सीधे संपत्ति की बिक्री नहीं कर सकेंगे जबकि पॉवर ऑफ अटॉर्नी में उन्हें संपत्ति बिक्री का पाॅवर रहता था। पैसा बचाने के लिए बिल्डर यह काम भी बिना रजिस्टर्ड एग्रीमेंट पर करेंगे। यदि वे एग्रीमेंट को रजिस्टर्ड कराएंगे तो उन्हें एग्रीमेंट राशि की एक फीसदी स्टाम्प ड्यूटी और देनी होगी।
शपथ-पत्र50रु. के स्टाम्प पर ही बनेंगे
कईसाल से शपथ-पत्र दस रुपए के