ग्वालियर. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नाेलॉजी (एनआईटी) मणिपुर में मारपीट कर बंधक बनाए गए ग्वालियर सहित मध्यप्रदेश बिहार के छात्रों के संबंध में सोमवार को एनआईटी के निदेशक से एबीवीपी के छात्र नेताओं ने बात की। इन छात्रों के
मोबाइल फोन वापस कर दिए गए हैं। छात्रों के परिजन से भी बात कराकर उनकी सुरक्षा का भी भरोसा दिलाया गया है।
दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर पढ़ने के बाद मप्र एबीवीपी के अध्यक्ष डॉ. नितेश शर्मा ने सोमवार सुबह मणिपुर एबीवीपी के संगठन मंत्री मंत्री महेश भाई से बात की। संगठन मंत्री ने इस सबंध में एनआईटी मणिपुर के निदेशक डॉ. एसबी सिंह से चर्चा।
इसके बाद महेश डॉ. सिंह के साथ बंधक बनाए गए छात्रों से मिलने इंस्टीट्यूट पहुंचे। महेश ने ग्वालियर मप्र के छात्रों से नितेश शर्मा की बात कराई। बाद में छात्रों की बात उनके परिजन से भी कराई गई और उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
मणिपुर के मुख्यमंत्री भी पहुंचे
बतायागया है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री इबोबी सिंह भी एनआईटी पहुंचे थे। उन्होंने इंस्टीट्यूट के निदेशक से बात की और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
छात्रों ने कहा- हमें यहां नहीं रहना
बंधकछात्रों से दैनिक भास्कर ने बात की तो उन्होंने बताया कि उनसे प्रशासन के अधिकारियों ने सोमवार को बात की। एबीवीपी के लोग भी उनके पास पहुंचे थे। छात्रों के अनुसार स्थिति मेंं सुधार हुआ है, लेकिन वे वहां नहीं रहना चाहते। एनआईटी में अध्ययनरत एक छात्र के भाई चेतन कौशिक ने बताया कि सोमवार को उसने अपने भाई से बात की, वह ठीक है।
एबीवीपीसक्रिय, मंत्रियों को नहीं फुरसत
एबीवी
पीके प्रदेश अध्यक्ष नितेश शर्मा लगातार सक्रिय रहे। लेकिन छात्रों की सुरक्षा के मुद्दे पर मंत्री माया सिंह से संपर्क करने की कोशिश की तो सोमवार रात तक उनसे संपर्क नहीं हो सका। छात्रों के परिजन ने भी उनसे संपर्क करने की कोशिश की। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से संपर्क करने की कोशिश भी की गई। उनके निज स्टॉफ से बात हुई लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। वहीं बिहार के छात्रों की सुरक्षा के लिए वहां की सरकार लगातार केंद्र मणिपुर सरकार के संपर्क में है।