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अपराधीकरण, शोषण, भ्रष्टाचार आैर भाई-भतीजावाद सबसे बड़ी चुनौती
\\\"विकास के लिए नए आयामों की जरूरत\\\'
ग्वालियर| विकासके लिए नए आयामों की जरूरत है। इसमें चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ग्वालियर के साथ-साथ आप सब महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, ऐसी उम्मीद है। यह बात हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने यहां चेंबर ऑफ काॅमर्स के सभागार में अपने स्वागत में आयोजित समारोह में कही। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी विकास की शताब्दी है। विकास के लिए भौतिक संसाधन जरूरी हैं। जैसे ही भौतिक संसाधनों की बात आती है, हमारी नजर व्यापारियों पर जाती है। विकास की बुनियाद व्यापारी हैं। उन्हें जितना खुश, सुखी आैर संतुष्ट रखा जाएगा, उतनी ही ज्यादा प्रगति होगी। समारोह में राज्यपाल श्री सोलंकी की धर्मप|ी रानी सोलंकी भी मौजूद थीं।
श्री सोलंकी ने कहा कि 21वीं सदी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हमें कदम से कदम मिलाकर चलना होगा अन्यथा विश्व में हम विकास के मामले में पिछड़ जाएंगे। उन्होंंने ग्वालियर चेंबर की सराहना करते हुए उसे राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के साथ समन्वय बनाने का सुझाव भी दिया। स्वागत भाषण चेंबर के अध्यक्ष विष्णु गर्ग ने दिया। संचालन मानसेवी सचिव भूपेंद्र जैन ने आैर आभार प्रदर्शन संयुक्त सचिव डॉ. प्रकाश अग्रवाल ने किया। इनके साथ मंच पर उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष कैलाश लहारिया, एसकेडी गर्ग, सतीश अजमेरा, जीडी लड्ढा, डॉ. वीरेंद्र गंगवाल मौजूद थे। वहीं, विश्राम गृह मुरार मंे मध्य क्षेत्रीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अानंदमोहन छापरवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल श्री सोलंकी से मुलाकात कर उनका अभिनंदन किया।
राज्यपाल कहीं का रहूं, मैं हूं तो ग्वालियर का
प्रो.सोलंकी ने कहा कि मैं राज्यपाल भले ही हरियाणा का या कहीं आैर का रहूं लेकिन हूं तो ग्वालियर का। आपके स्वागत से अभिभूत हूं आैर कृतज्ञ भी। आपका स्नेह मेरे लिए प्रेरणा देने का कार्य करेगा।
विकास के लिए दिया फाइव टी का फॉर्मूला
राज्यपाल कप्तान सिंह साेलंकी ने प्रगति आैर विकास के लिए टैलेंट, ट्रेड, ट्रेडिशन, टूरिज्म आैर टेक्नोलॉजी के फाइव टी फॉर्मूले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि टैलेंट की खोज करें, ट्रेड का योग्य विकास करें, नए के साथ पुराने ट्रेडिशन को छोड़ें, टूरिज्म को बढ़ावा दें आैर तकनीकी को अपनाएं। इन सबको साथ लेकर आगे बढ़ने से विकास होगा।
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