जिससमय तक एसएएफ को
ग्राम गुढ़ा के अंंतर्गत 150 बीघा से अधिक इसी सरकारी जमीन पर लोगों ने खुदाई करके तथा पत्थर रखकर अवैध रूप से अपने-अपने कब्जे चिह्नित कर लिए हैं। फोटो: डीबी स्टार
जिससमय तक एसएएफ को उम्मीद थी कि उन्हें इस भूमि का आवंटन हो सकता है, उस समय तक एसएएफ ने इस जमीन की देखभाल की। लेकिन अतिक्रमण होने और प्रशासन की ढीलपोल की वजह से एसएएफ ने गत 27 अगस्त को इस भूमि पर अितक्रमण हटाने तथा प्रशासन को सौंपे जाने का पत्र कलेक्टर को लिखा है।
दरअसल कलेक्टर ने बटालियन सेनानी को पत्र लिखकर निर्देशित किया था कि ग्रेनेड फायरिंग रेंज के लिए एसएएफ ने जिस भूमि की डिमांड की है, उसका अधिकतम हिस्सा वन विभाग के अंतर्गत आता है, ऐसे में वन विभाग से इसकी एनओसी लाना आवश्यक है। इसके अलावा वहां ग्रेनेड फायरिंग रेंज से नागरिक सुरक्षा को खतरा हो। इस संबंध में एसएएफ ने तत्कालीन डीएफओ से भी पत्राचार किया, लेकिन उन्होंने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
वर्ष 2011 में तत्कालीन कमांडेंट डीएस कोरबु ने कलेक्टर को एक अर्द्धशासकीय पत्र लिखकर साफ कर दिया कि यहां ग्रेनेड रेंज के लिए जमीन नहीं दी गई और अब यहां अतिक्रमण शुरू हो चुका है। इस जमीन की देखरेख संबंधित विभाग को करने संबंधित आदेश पारित कर दें, ताकि वह विभाग इस जमीन का पजेशन ले ले।
एसएएफ ने किया जमीन लेने से इनकार
^मैं स्टेट्सरिपोर्ट मंगाता हूं
मैंइस संबंध में स्टेट्स रिपोर्ट मंगाता हूं कि उक्त जमीन पर किसका पजेशन है। यदि एसएएफ के पजेशन में जमीन है, तो उन्हें कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाना चाहिए। यदि वन विभाग के नाम पर जमीन है और वहां अतिक्रमण हो रहा है, तो हम कार्रवाई कर अतिक्रमण हटवाएंगे।
राजेशकुमार, मुख्यवन संरक्षक ग्वालियर
^हमने मांगीथी जमीन
हमनेग्राम गुढ़ा की शासकीय जमीन को ग्रेनेड फायरिंग रेंज के लिए मांगा था, लेकिन अब वहां अतिक्रमण हो चुका है। हमने प्रशासनिक अधिकारियों से उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध किया है।
कुमारसौरभ, कमांडेंट,14 बटालियन एसएएफ
कुछ माह पूर्व कई विभागों को किया गया है जमीन का आवंटन
हाल ही में इस जमीन का आवंटन कई विभागों को हुआ है। प्रशासन ने आदिम जाति कल्याण विभाग को यहां एक आवासीय छात्रावास बनाने के लिए जमीन आवंटित की है। इसके अलावा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को विद्युत सब स्टेशन बनाने, शिक्षा विभाग को प्राइमरी स्कूल खोलने और जल संसाधन विभाग को बॉटलिंग प्लांट लगाने के लिए जमीन का आवंटन किया गया है, साथ ही पूर्व से एसएएफ भी आवंटन की मांग कर ही रहा है। वर्तम