ग्वालियर. नगर निगम चुुनाव में टिकट के दावेदारों की बढ़ती संख्या को देख कांग्रेस छांटने के फार्मूले पर माथा-पच्ची कर रही है। इसके तहत पार्टी ने जो गाइड लाइन तय करने की सोची है, उसमें सबसे पहले उन लोगों को टिकट की दावेदारी से बाहर किया जाएगा, जिनके परिवार का जुड़ाव भाजपा से है। इसके साथ ही उन लोगों को भी टिकट नहीं दिया जायेगा जो चार-पांच महीने पहले किसी अन्य दल से नाता तोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
पार्टी नेतृत्व ने निगम चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन को लेकर जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उन पर अगर सही तरीके से अमल हुआ तो दो बार निगम का चुनाव हार चुके लोगों कोे भी टिकट देने के साथ ही अपना वार्ड छोड़कर दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं उन्हें भी निराशा हाथ लग सकती है। इसी तरह ऐसे पदाधिकारी जिनके वार्ड में पार्टी को लोकसभा आैर विधानसभा चुनाव में एक हजार से अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा है, उन्हें भी टिकट से वंचित किया जा सकता है।