‘वर्दी का उस्ताद’
नेशनल एथलीट मुख्त्यार सिंह बिना वर्दी के ही वर्दी के बेताज बादशाह हैं। उनके आठ हजार शागिर्द मध्यप्रदेश पुलिस, सेना, बाॅर्डर सिक्योरिटी फोर्स, इंडो तिब्बत बाॅर्डर पुलिस, सीआरपीएफ सीआईएसएफ में नौकरी कर रहे हैं। सिर पर कैप और शरीर पर फोर्स की वर्दी का सपना देखने वाले जोशीले नौजवानों को वे प्रतिदिन सुबह चार बजे से एसएएफ ग्राउंड पर फिजिकल ट्रेनिंग कराते हैं। ये उनकी ट्रेनिंग का ही कमाल है कि चंबल के हजारों जांबाज सेना फोर्स में ग्वालियर अंचल का नाम रोशन कर रहे हैं। शेषपेज-3
sunday positive