ग्वालियर. बिजली निजीकरण के विरोध में चलाया जा रहा आंदोलन कांग्रेस का नहीं बल्कि शहर की जनता का है। केंद्र से लेकर नगर निगम तक जनता का विश्वास जीतकर अब भाजपा बिजली निजीकरण से लेकर थूकने आैर टाॅयलेट करने पर भी जुर्माना लगा रही है। निगम प्रशासन शहर में सफाई रखने में सक्षम नहीं है लेकिन गंदगी के ढेर दिखने पर व्यापारियों और आम लोगों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ऐसी जनविरोधी नीतियों के विरोध में शहर के लोगों को साथ लेकर हम सड़कों पर उतरेंगे। इन मामलों को लेकर 15 दिसंबर को ग्वालियर बंद का आह्वान किया गया है।
यह बात कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दर्शन सिंह ने फूलबाग पर शुक्रवार को आयोजित धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्वालियर की बिजली वितरण व्यवस्था को एस्सेल कंपनी को देना चाहती है। कांग्रेस इसका विरोध पिछले तीन साल से कर रही है। इससे पहले मोंटीकार्लाे कंपनी द्वारा लोगाें के घरों पर जबरिया तेज भागने वाले मीटर लगवाए गए। अंचल में बीज और यूरिया की खुलकर काला बाजारी हो रही है। किसान परेशान है लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। धरने में रमेश अग्रवाल, सुरेंद्र शर्मा, प्रद्युम्न सिंह, सुनील शर्मा, देवेंद्र तोमर, पुरुषोत्तम भार्गव, वीरसिंह तोमर, श्यामसिंह चौहान, बृजेंद्र द्विवेदी, जीतू खटीक आदि मौजूद थे।
ऐसे टलता रहा टेक ओवर
पहली डेट: 18 दिसंबर 2012
दूसरी डेट: 1अप्रैल 2013
तीसरी डेट: 1 जून, 2013
चौथी डेट: 15जुलाई, 2014
पांचवीं डेट: 15सितंबर, 2014