डिमांड नहीं, कमांड करो: सोलंकी
कभीकिसी से डिमांंड मत करो, कमांड करना सीखो। भाग्य से ज्यादा, समय से पहले किसी को कुछ नहीं मिलता है। इसलिए ज्यादा पाने के लिए मत तड़पो। कर्म करो आैर इंतजार करो। यह बात हरियाणा के राज्यपाल आैर ग्वालियर -चंबल की धरती से जुड़े प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने रविवार को बालभवन में नगर निगम की आेर से आयोजित अपने नागरिक अभिनंदन समारोह में कही। उन्होंने कहा- आपका यह समारोह मेरे लिए अनूठा है। इससे पहले मेरा ऐसा अभिनंदन कभी नहीं हुआ। हालांकि मुझे अपने अभिनंदन से उतना सुख नहीं मिलता है जितना उन कार्यकर्ताआें के अभिनंदन पर मिलता है, जिन्हें मैंंने तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यह अभिनंदन मेरा नहीं, बल्कि उन कार्यों की कार्यशैली का है, जो मेरे माध्यम से हुए हैं। इस मौके पर उनकी धर्म प|ी रानी सोलंकी भी साथ थी। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय इस्पात एवं खनन मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की।
मेराजीवन विरोधाभास से भरा
प्रो.सोलंकी ने कहा-मेरा जीवन विरोधाभास से भरा रहा है। लेकिन विरोधभासों से कभी घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि इनके माध्यम से भगवान आपकी परीक्षा लेता है। अगर आप परीक्षा में सफल हो जाते हैं तो आपको वह सब मिल जाता है, जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। मैंने जो सोचा भी नहीं था, वह हो गया। आैर अभी तो आैर भी बहुत कुछ हो सकता है। उन्होंने अपने जीवन के टर्निंग प्वाइंट के लिए वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मामा माणिकचंद्र वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि वही मुझे भिंड से ग्वालियर लेकर आये। प्रो. सोलंकी ने पर्स, पर्सनालिटी, पार्टी आैर फिलॉसफी, इन चारों की विशेषताएं बताने के साथ ही चारों में समन्वय बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन चारों में समन्वय के सिद्धांत को अपनाये बिना लोकतंत्र पाखंड बन जायेगा।
दूसरी बार में 52 फीसदी अंक मिले
श्रीसोलंकी ने कहा कि स्कूली शिक्षक से प्रोफेसर बनने के लिए अंग्रेजी में एमए किया तो पहली बार 46 प्रतिशत अंक मिले। जबकि नौकरी के लिए 48 प्रतिशत की जरूरत थी। तब शिक्षक की नौकरी छोड़ रेग्युलर एडमिशन लिया और पढ़कर 52 प्रतिशत अंक हासिल किए।
आज चेंबर में सम्मान
प्रो.सोलंकी के सम्मान में चेंबर ऑफ कामर्स ने सोमवार को दोपहर एक बजे समारोह का आयोजन रखा है। कार्यक्रम माधवराव सिंधिया सभागार में होगा। चेंबर के अध्यक्ष विष्णु गर्ग, मानसेवी सचिव